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Varanasi News: चारों भाइयों के मिलन से सजल हुई काशी, अवधपुरी बना रामनगर किला, जगमगाया घर-आंगन

Sat, 24 Oct 2026 01:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:43 AM IST
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Kashi became teary-eyed with joy at the reunion of the four brothers; Ramnagar Fort transformed into Ayodhya, and homes and courtyards lit up with radiance
रामनगर किले की हुई सजावट
रामलीला के 28वें दिन शुक्रवार को श्रीराम और भरत मिलाप का प्रसंग जीवंत होते ही संपूर्ण लीला क्षेत्र भक्ति और आंसुओं के सजल भाव में डूब गया। 14 वर्षों के लंबे वनवास के बाद जब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे तो चारों भाइयों के अलौकिक मिलन को देख उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें भर आईं। रामनगर में देर रात चारों भाइयों का मिलन हुआ। इस पावन अवसर पर अयोध्या रूपी समूचा रामनगर दीपोत्सव की आभा से नहा उठा। रामनगर किले को भव्य दीपमालाओं और रोशनी से सजाया गया और नगरवासियों ने भी घरों में दीप जलाकर रामराज्य आगमन का उल्लास मनाया।
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लीला प्रसंग के अनुसार, अयोध्या की सीमा पर पुष्पक विमान से उतरते ही चारों भाइयों का भावुक मिलन हुआ। भरत और शत्रुघ्न ने माता सीता के चरणों में दंडवत प्रणाम किया। इस नयनाभिराम झांकी के बाद पुष्पक विमान को कुबेर के पास विदा किया गया। राम ने माताओं के चरण स्पर्श किए और वानर-भालू सेना का अवधवासियों से परिचय कराया। इसके उपरांत गुरु वशिष्ठ की आज्ञा और ब्राह्मणों की सहमति से सुमंत को राज्याभिषेक की तैयारियों के निर्देश दिए गए। आरती के साथ इस दिन की लीला को विश्राम दिया गया। वहीं, शुक्रवार रात 11 बजे भरत मिलाप की विशेष लीला का मंचन संपन्न हुआ।
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कल पांच घंटे होंगे काले हनुमान के दर्शन
रामनगर दुर्ग परिसर स्थित प्रसिद्ध श्यामवर्ण दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पट रविवार को आम श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए खोले जाएंगे। दुर्ग के सुरक्षाधिकारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। श्रद्धालु अपराह्न तीन बजे तक दर्शन कर सकेंगे। ठीक 3 बजे दुर्ग का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इस ऐतिहासिक मंदिर के पट जनसाधारण के लिए साल में एक बार केवल भोर की आरती वाले विशेष अवसर पर ही खुलते हैं।

रामनगर किले की हुई सजावट

रामनगर किले की हुई सजावट

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