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मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा, किसी मुसलमान को योगी सरकार से डरने की जरूरत नहीं
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 25 Mar 2017 05:40 PM IST
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मौलाना कल्बे सादिक बोले- आपसी समझ से ही सुलझेगा मुद्दा
- फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक ने कहा है कि किसी मुसलमान को योगी सरकार से डरने की जरूरत नहीं। हमारे लिए हर वो सरकार भली है जो जहालत दूर करे, जो गरीबी मिटाए, हम उस सरकार के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि मजहब को लेकर एक-दूसरे के लिए नफरत की वजह ये है कि हम एक-दूसरे के बारे में जानते नहीं है। अगर हम हिंदुओं की सभाओं में जाएं, वो हमारी मजलिसों में आएं तो हम एक दूसरे के बारे में बहुत कुछ जानेंगे।
दरअसल, हम जिसके बारे में जानते नहीं हैं, उसे अपना दुश्मन मान लेते हैं। ये हाल मजहब को लेकर भी है। उन्होंने कहा कि बेशक हिंदुस्तान तालीम में आगे जा रहा है लेकिन मुसलमान अब भी पीछे हैं। वक्त आ गया है कि अब हम जाग जाएं। ईमान को पुख्ता कर लें। अगर ईमान पुख्ता होगा तो दुनिया की कोई ताकत हमें नहीं हरा सकती।
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मौलाना कल्बे सादिक गुरुवार को वाराणसी के जव्वादिया अरबी कॉलेज प्रह्लाद घाट पर मौलाना शबीब हुसैनी की वालिदा की याद में आयोजित मजलिस को खिताब कर रहे थे। अयोध्या मसले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मसला सरकार कभी नहीं सुलझा सकती।
इसे हमें खुद आपसी मेलजोल से सुलझाना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिर आंखों पर रखते हुए हमें अब आपसी समझ से ही इस मुद्दे को सुलझाना होगा। उन्होंने कहा कि वह शुरू से इस पक्ष में हैं कि यह मसला बातचीत से सुलझा लिया जाए।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक़ के सवाल पर उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि मैं अपनी बीवी को तीस मरतबा तलाक़ बोल चुका हूँ, वो आज तक नहीं गई। उन्होंने कहा कि मुसलमानों का एक तबका है जो तीन तलाक़ के पक्ष में है जबकि ये गलत है।
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उन्होंने कहा कि मजहब को लेकर एक-दूसरे के लिए नफरत की वजह ये है कि हम एक-दूसरे के बारे में जानते नहीं है। अगर हम हिंदुओं की सभाओं में जाएं, वो हमारी मजलिसों में आएं तो हम एक दूसरे के बारे में बहुत कुछ जानेंगे।
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दरअसल, हम जिसके बारे में जानते नहीं हैं, उसे अपना दुश्मन मान लेते हैं। ये हाल मजहब को लेकर भी है। उन्होंने कहा कि बेशक हिंदुस्तान तालीम में आगे जा रहा है लेकिन मुसलमान अब भी पीछे हैं। वक्त आ गया है कि अब हम जाग जाएं। ईमान को पुख्ता कर लें। अगर ईमान पुख्ता होगा तो दुनिया की कोई ताकत हमें नहीं हरा सकती।
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मौलाना कल्बे सादिक गुरुवार को वाराणसी के जव्वादिया अरबी कॉलेज प्रह्लाद घाट पर मौलाना शबीब हुसैनी की वालिदा की याद में आयोजित मजलिस को खिताब कर रहे थे। अयोध्या मसले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मसला सरकार कभी नहीं सुलझा सकती।
इसे हमें खुद आपसी मेलजोल से सुलझाना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिर आंखों पर रखते हुए हमें अब आपसी समझ से ही इस मुद्दे को सुलझाना होगा। उन्होंने कहा कि वह शुरू से इस पक्ष में हैं कि यह मसला बातचीत से सुलझा लिया जाए।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक़ के सवाल पर उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि मैं अपनी बीवी को तीस मरतबा तलाक़ बोल चुका हूँ, वो आज तक नहीं गई। उन्होंने कहा कि मुसलमानों का एक तबका है जो तीन तलाक़ के पक्ष में है जबकि ये गलत है।
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इल्म होगा तो खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी गरीबी
मौलाना कल्बे सादिक बोले- आपसी समझ से ही सुलझेगा मुद्दा
- फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक ने कहा कि गुरबत और जहालत इंसान की सबसे बड़े दुश्मन हैं। इसलिए इल्म की दौलत कमाओ।
इसी से शोहरत और इज्जत है। इल्म नहीं है तो गरीबी भी रहेगी और बेइज्जती भी मिलेगी। मौलाना कल्बे सादिक गुरुवार को जव्वादिया अरबी कॉलेज प्रह्लाद घाट पर मौलाना शबीब हुसैनी की वालिदा की याद में आयोजित मजलिस को खिताब कर रहे थे।
इस मौके पर अली अब्बास ने सोजख्वानी की। शायर प्रो. अजीज हैदर, एनुल हसन, दिलकश गाजीपुरी, अंजुम फैजाबादी, इंजीनियर दुर्रुल हसन ने कलाम पेश किए।
इसी से शोहरत और इज्जत है। इल्म नहीं है तो गरीबी भी रहेगी और बेइज्जती भी मिलेगी। मौलाना कल्बे सादिक गुरुवार को जव्वादिया अरबी कॉलेज प्रह्लाद घाट पर मौलाना शबीब हुसैनी की वालिदा की याद में आयोजित मजलिस को खिताब कर रहे थे।
इस मौके पर अली अब्बास ने सोजख्वानी की। शायर प्रो. अजीज हैदर, एनुल हसन, दिलकश गाजीपुरी, अंजुम फैजाबादी, इंजीनियर दुर्रुल हसन ने कलाम पेश किए।