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ग्लोबल मार्च के 18 साल पूरे होने पर काशी पहुंचे कैलाश सत्यार्थी

Tue, 17 Jan 2017 10:46 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 17 Jan 2017 10:46 PM IST
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kailash satyarthi reached kashi after 18th year of global march
नोबेल पुरस्कार विजेता और बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेता कैलाश सत्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
नोबेल पुरस्कार विजेता और बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेता कैलाश सत्यार्थी मंगलवार को काशी पहुंचे। काशी लौटे तो उन्हें उनकी पुरानी यादें भी ताजा हुईं। बुनकरों और कालीन उद्योग में काम करने वालों बच्चों को आजादी दिलाने, उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए कई वर्षों तक उन्होंने यहां काम किया। ये भी संयोग ही था कि 17 जनवरी 1998 में उन्होंने बाल मजदूरी को खत्म करने के लिए ग्लोबल मार्च अभियान चलाया और इस अभियान के 18 साल पूरे होने के दिन कैलाश सत्यार्थी काशी में थे। 
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष पर बुधवार को स्वतंत्रता भवन में कैलाश सत्यार्थी ‘सुरक्षित बचपन सुरक्षित भारत’ विषय पर शताब्दी व्याख्यान देंगे।
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पत्नी के साथ काशी पहुंचे कैलाश सत्यार्थी ने मंगलवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती भी देखी। गंगा आरती के मनोरम नजारे को उन्होंने स्वयं अपने मोबाइल में कैद दिया।
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उन्होंने कहा कि प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्म अद्भुत संगम है गंगा आरती और सदियों से भारत को प्रेरणा देती रही है। इस दौरान उन्होंने गंगा के संरक्षण की बात कही।
 बीएचयू कैंपस पहुंचे कैलाश सत्यार्थी ने यहां अपने पुराने संगी-साथियों से मुलाकात की। इसमें पं. विकास महाराज और श्रुति नागवंशी शामिल थे। पंडित विकास महाराज ने बताया कि 1987 से लेकर 1995 के दौरान कैलाश सत्यार्थी जी के साथ बाल मजदूरी के लिए कार्य किया।
डॉ. लेनिन रघुवंशी हमारे मुखिया थे। 

इंजीनियरिंग छोड़कर शुरू किया बचपन बचाओ आंदोलन

kailash satyarthi reached kashi after 18th year of global march
बीएचयू कैंपस पहुंचे कैलाश सत्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
1980 में इंजीनियरिंग छोड़कर जब कैलाश जी ने बचपन बचाओ आंदोलन शुरू किया तो डॉ. लेनिन ने पूर्वांचल का मोर्चा संभाला था।
जब कैलाश ने यहां आकर हमारे साथ बुनकरों और भदोही के कालीन उद्योग में लगे बच्चों के लिए कार्य करने की शुरुआत की तो उस वक्त उनकी प्रेरणा से कई युवा हमारे साथ आए।आज हमने उन पुराने दिनों को याद किया।
एलडी गेस्ट हाउस में इनसे मुलाकात के बाद कैलाश सत्यार्थी कुलपति आवास पर आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए।
यहां शहर के विशिष्टजनों के साथ भी उनकी मुलाकात हुई। कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने एलडी गेस्ट हाउस में उनकी अगवानी की।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष पर बुधवार को स्वतंत्रता भवन में कैलाश सत्यार्थी ‘सुरक्षित बचपन सुरक्षित भारत’ विषय पर शताब्दी व्याख्यान देंगे। 
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