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मगहर में पीएम की सभा पर कबीरपंथ के प्रमुख ने उठाए सवाल, कहा- परंपरा ना तोड़ें

Tue, 26 Jun 2018 02:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 26 Jun 2018 02:04 PM IST
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Kabir panth chief suggest PM modi says not break rituals on kabir jayanti
कबीर चौरा मूलगादी के आचार्य महंत विवेक दास - फोटो : अमर उजाला

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संत कबीर की जयंती पर उनके निर्वाण स्थली (मगहर) में होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर कबीरपंथ के प्रमुख वाराणसी स्थित कबीर चौरा मठ के महंत विवेक दास ने सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि संत कबीर की जयंती वाराणसी स्थित उनकी जन्मस्थली पर ही मनाई जानी चाहिए।

निर्वाण स्थली (मगहर) पर जयंती समारोह का आयोजन करके संत कबीर की परंपरा को खंडित करने और समाज को बांटने का काम किया जा रहा है। सौ वर्षों से संत कबीर की जन्मस्थली पर ही जयंती समारोह मनाने की परंपरा चली आ रही है।
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इसमें अपने हितों के हिसाब से बदलाव गलत है। कबीर चौरा मठ में पत्रकारों से बातचीत में महंत ने 28 जून को संत कबीर के प्राकट्य उत्सव पर पीएम मोदी के मगहर दौरे पर कई सवाल उठाए। महंत ने कहा कि पीएम मोदी को भ्रमित किया जा रहा है।
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पीएम को यह जानना चाहिए कि मगहर में कबीर दास ने अपने जीवन के अंतिम दिनों को बिताया था। आरोप लगाया कि पीएम मोदी को वहां के स्थानीय सांसद बहका रहे हैं क्योंकि वह कबीर मठ की जमीनों को कब्जा करने में लगे हुए हैं।
वह कबीर के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी कर चुके हैं और अब पीएम मोदी को भ्रमित कर वहां बुला रहे हैं। 

कबीर जयंती के बहाने पूर्वी उत्तर प्रदेश पर है निशाना

Kabir panth chief suggest PM modi says not break rituals on kabir jayanti
वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मूलगादी में पत्रकारों से बात करते हुए महंत विवेक दास ने कहा कि जो परिनिर्वाण स्थल है वहां पर प्राकट्य उत्सव कैसे मनाया जा सकता है।

बता दें कि महंत विवेक दास ही वाराणसी के लहरतारा स्थित कबीर प्राकट्य स्थली, कबीरचौरा स्थित मूलगादी और संत कबीरनगर जिले में स्थित परिनिर्वाण स्थली मगहर, तीनों जगहों के गद्दी महंत हैं।

 

संत विवेक दास इस बात से भी नाराज है कि महंत होने के बावजूद प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने वाले इतने बड़े कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। जिससे कबीरपंथियों में भ्रम है।

विवेकदास  ने इसे गलत परंपरा करार देते हुए कहा है कि इससे कबीर के विचार को बांटने की कोशिश को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोग वहां एकत्र होंगे और पीएम मोदी का विरोध कर सकते हैं। 

बता दें कि कबीर दास के 620वें प्राकट्य उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  संत कबीर नगर स्थित मगहर मठ पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी रैली भी होगी। प्रदेश सरकार इस रैली को ऐतिहासिक बनाने में जुटी है। दरअसल, इस रैली के जरिए मिशन 2019 का पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगाज भी माना जा रहा है।

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