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शीर्षस्थ विद्वानों का निर्वाचक मंडल चुनेगा ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:37 AM IST
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ज्योतिष पीठ
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ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य की चयन प्रक्रिया के लिए 26 सदस्यीय निर्वाचक मंडल के गठन पर बुधवार की रात सहमति बनाई गई। इसमें चारो वेदों के अलावा वेदांग, वेदांत के शीर्ष विद्वानों के अलावा तीनों शंकराचार्यों को शामिल किया जाएगा। इस अहम चयन प्रक्रिया के लिए मुख्य संयोजक संस्था भारत धर्म महामंडल की कोर कमेटी की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
शंकराचार्य के चयन में मठाम्नाय अनुशासन में वर्णित विधान का पालन किया जाएगा। इसके लिए देश भर के सौ से अधिक विद्वानों को पत्र भेजे जाएंगे। इस विद्वत मंडल में संस्कृत के स्कालर्स के अलावा पद्मश्री से विभूषित विद्वान और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त संस्कृत के पंडित शामिल होंगे। महामंडल की नेशनल कौंसिल की बैठक सात दिसंबर को लहुराबीर स्थित सभा कक्ष में होगी।
भारत धर्म महामंडल की कोर कमेटी की बैठक में आदि शंकराचार्य द्वारा लिखित शास्त्र मठाम्नाय अनुशासन में सनातन धर्म के इस सर्वोच्च पद के लिए दी गई योग्यता का भी अध्ययन किया गया। इसके तहत ज्योतिष्पीठ के अगले शंकराचार्य के लिए वही आवेदन कर सकेगा जो दंडी संन्यासी हो। इसके अलावा संस्कृत का अच्छा ज्ञाता होने के साथ वेद, उपनिषद, ब्राह्मण ग्रंथ, पुराण, वेदांग का ज्ञाता हो।
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इस पद की अर्हता में ब्राह्मण होना अनिवार्य कहा गया है। कोर कमेटी ने काशी के अलावा वृंदावन, हरिद्वार, गुजरात के आणंद समेत ऐसे देश भर के 25 से अधिक मठों से संपर्क साधने का निर्णय किया, जहां दंडी संन्यासी रहते हैं।
वर्ष 1941 में शास्त्रार्थ के जरिए ही इस पीठ के शंकराचार्य का चयन किया गया था, इसलिए इस बार भी शास्त्रार्थ कराने का सुझाव दिया गया लेकिन अभी इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
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शंकराचार्य के चयन में मठाम्नाय अनुशासन में वर्णित विधान का पालन किया जाएगा। इसके लिए देश भर के सौ से अधिक विद्वानों को पत्र भेजे जाएंगे। इस विद्वत मंडल में संस्कृत के स्कालर्स के अलावा पद्मश्री से विभूषित विद्वान और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त संस्कृत के पंडित शामिल होंगे। महामंडल की नेशनल कौंसिल की बैठक सात दिसंबर को लहुराबीर स्थित सभा कक्ष में होगी।
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भारत धर्म महामंडल की कोर कमेटी की बैठक में आदि शंकराचार्य द्वारा लिखित शास्त्र मठाम्नाय अनुशासन में सनातन धर्म के इस सर्वोच्च पद के लिए दी गई योग्यता का भी अध्ययन किया गया। इसके तहत ज्योतिष्पीठ के अगले शंकराचार्य के लिए वही आवेदन कर सकेगा जो दंडी संन्यासी हो। इसके अलावा संस्कृत का अच्छा ज्ञाता होने के साथ वेद, उपनिषद, ब्राह्मण ग्रंथ, पुराण, वेदांग का ज्ञाता हो।
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इस पद की अर्हता में ब्राह्मण होना अनिवार्य कहा गया है। कोर कमेटी ने काशी के अलावा वृंदावन, हरिद्वार, गुजरात के आणंद समेत ऐसे देश भर के 25 से अधिक मठों से संपर्क साधने का निर्णय किया, जहां दंडी संन्यासी रहते हैं।
वर्ष 1941 में शास्त्रार्थ के जरिए ही इस पीठ के शंकराचार्य का चयन किया गया था, इसलिए इस बार भी शास्त्रार्थ कराने का सुझाव दिया गया लेकिन अभी इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए महामंडल हाईकोर्ट से मांगेगा समय
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के चयन के लिए हाईकोर्ट ने तीन महीने का समय भारत धर्म महामंडल को दिया है। यह अवधि अगले 22 नवंबर को पूरी हो जाएगी। ऐसे में महामंडल चयन प्रक्रिया की अवधि बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष जल्द ही अर्जी देगा। यह जानकारी भारत धर्म महामंडल के चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने दी।
भाल शास्त्री निर्वाचक मंडल के लिए समन्वयक नियुक्त
शंकराचार्य की चयन प्रक्रिया के लिए निर्वाचक मंडल गठित करने के लिए बुधवार को संस्कृत के विद्वान भाल शास्त्री को भारत धर्म महामंडल ने समन्वयक नियुक्त कर दिया। उन्होंने बताया कि निर्वाचक मंडल के लिए विद्वानों के नाम पर जल्द सहमति बनाई जाएगी।
चूंकि ज्योतिष्पीठ अथर्ववेद की पीठ है, इसलिए इस वेद के दो विद्वान इसमें शामिल होंगे। बाकी तीन वेदों के एक-एक, वेदांग के छह, वेदांत के एक विद्वान को इसमें रखा जाएगा। इसके अलावा द्वारिका-शारदा पीठ, पुरी पीठ, शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य को 11 दंडी संन्यासी इसमें शामिल होंगे।
विद्वत परिषद ज्योतिष्पीठ पर फिर स्वरूपानंद को लाने के पक्ष में
काशी विद्वत परिषद ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य के पद पर फिर से द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के नाम पर सहमति बनाने के मूड में है। इसके लिए परिषद के विद्वानों में एका बनाई जा रही है।
परिषद के जुड़े एक पदाधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि स्वरूपानंद सरस्वती इस पद के लिए सबसे योग्य संन्यासी हैं। इसके लिए महानिर्वाणी अखाड़े के अलावा कुछ मठों के संतों ने परिषद से संपर्क भी किया है।
भाल शास्त्री निर्वाचक मंडल के लिए समन्वयक नियुक्त
शंकराचार्य की चयन प्रक्रिया के लिए निर्वाचक मंडल गठित करने के लिए बुधवार को संस्कृत के विद्वान भाल शास्त्री को भारत धर्म महामंडल ने समन्वयक नियुक्त कर दिया। उन्होंने बताया कि निर्वाचक मंडल के लिए विद्वानों के नाम पर जल्द सहमति बनाई जाएगी।
चूंकि ज्योतिष्पीठ अथर्ववेद की पीठ है, इसलिए इस वेद के दो विद्वान इसमें शामिल होंगे। बाकी तीन वेदों के एक-एक, वेदांग के छह, वेदांत के एक विद्वान को इसमें रखा जाएगा। इसके अलावा द्वारिका-शारदा पीठ, पुरी पीठ, शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य को 11 दंडी संन्यासी इसमें शामिल होंगे।
विद्वत परिषद ज्योतिष्पीठ पर फिर स्वरूपानंद को लाने के पक्ष में
काशी विद्वत परिषद ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य के पद पर फिर से द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के नाम पर सहमति बनाने के मूड में है। इसके लिए परिषद के विद्वानों में एका बनाई जा रही है।
परिषद के जुड़े एक पदाधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि स्वरूपानंद सरस्वती इस पद के लिए सबसे योग्य संन्यासी हैं। इसके लिए महानिर्वाणी अखाड़े के अलावा कुछ मठों के संतों ने परिषद से संपर्क भी किया है।