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Jivitputrika 2024: सात मनोकामनाएं... सात निशान बनाकर सात बार लगाया सिंदूर का टीका

Wed, 25 Sep 2024 02:05 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 25 Sep 2024 02:05 PM IST
सार

Jivitputrika 2024 : जीवित्पुत्रिका का निराजल व्रत रखकर माताओं ने बुधवार को अपने पुत्र के आरोग्य और दीर्घायु के लिए पूजा की।

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Jivitputrika 2024 Women kept Nirjala fast for long life of their children in varanasi
जीवित्पुत्रिका 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, रक्षा, तरक्की, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए माताओं ने जीवित्पुत्रिका का पूजन किया। गंगा के घाट से लेकर शहर के कुंड और तालाबों पर सुबह से ही पूजन के लिए आने वालों का तांता लगा रहा। व्रती महिलाओं ने सप्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सात निशान बनाकर उस पर सात बार सिंदूर का टीका भी लगाया।

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बुधवार को घाट, कुंड और तालाबों पर नंगे पांव प्रसाद के थाल लेकर महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। शहर से लेकर गांव तक यह नजारा आम था। कुंड और घाट के किनारे समूह में एकत्रित महिलाओं ने सबसे पहले गोमय-मिट्टी तथा कुश से शालिवाहन राजा के पुत्र जीमूतवाहन की प्रतिमा के बाद गोमय व मिट्टी से सियारिन व चूल्होरिन की प्रतिमा बनाकर पूजन आरंभ किया। ऐपन से सात बार निशान बनाकर उस पर सात बार सिंदूर का टीका लगाया। इसके बाद धूप व दीप दिखाने के बाद माता को सात प्रकार के फल और व्यंजन भी अर्पित किया। 
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शहर के कुंडों का नजारा ही एकदम अलग था। जिनके घर में विवाह हुआ था वह लोग नवदंपती के साथ ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे। गन्ने का मंडप बनाकर विधि-विधान से जीवित्पुत्रिका का पूजन किया और गोठ (महिलाओं का समूह) में बैठकर कथा सुनी। माता से नवविवाहित जोड़ों के सुखद जीवन व संतान प्राप्ति की कामना की। दशाश्वमेध घाट, राजघाट, अस्सी समेत सभी प्रमुख घाटों पर पूजन करने वालों की भीड़ रही।उधर, रामनगर, मिर्जामुराद, रोहनिया, पिंडरा और शिवपुर समेत सभी ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ महिलाओं ने व्रत किया। विधि विधान से पूजा अर्चना की और कथा श्रवण किया। अपने संतान के दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना की।

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आज होगा पारण
नहाय खाय के साथ मंगलवार से शुरू हुए तीन दिवसीय जीवित्पुत्रिका व्रत का पारण बृहस्पतिवार को होगा। महिलाएं व्रत का पारण सूर्योदय के बाद देर से करके खरना करेंगी।

लक्ष्मीकुंड पर किए माता लक्ष्मी और जीउतिया माता के दर्शन
लक्ष्मीकुंड पर पूजन के लिए पहुंचीं व्रती महिलाओं ने माता लक्ष्मी और जीउतिया माता के दर्शन भी किए। बुधवार भोर से ही मां लक्ष्मी के दर्शन पूजन के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। लक्सा स्थित मां लक्ष्मी के मंदिर में महिलाएं कतारबद्ध होकर दर्शन कर रही थीं। जीउतिया व्रत करने वाली माताओं ने देवी लक्ष्मी के चरणों में भक्ति अर्पित की और घर में धन, समृद्धि और संतान की सुरक्षा की कामना की। व्रती महिलाओं ने पहले गंगा स्नान किया और उसके बाद माता लक्ष्मी के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं।
 
बरेका में हर्षोल्लास के साथ हुई जीवित्पुत्रिका पूजा
बनारस रेल इंजन कारखाना के सूर्य सरोवर प्रांगण में जीवित्पुत्रिका का पूजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरेका के महाप्रबंधक एसके श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि वीके शुक्ल ने फीता काटकर पूजनोत्सव का उद्घाटन किया गया। बरेका सूर्य सरोवर पर बरेका कर्मचारियों के साथ-साथ आस-पास के गांवों के श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सूर्य सरोवर परिसर को सजाया गया एवं व्रतियों के लिए संपूर्ण व्यवस्था की गई। जीवित्पुत्रिका पूजा समिति द्वारा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता हुई। पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने पुरस्कृत किया। 
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