फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Jitiya Vrat 2022 Demand for Jitiya lockets of gold and silver increased in varanasi

Jitiya Vrat 2022: सोने और चांदी के जिउतिया लॉकेट की बढ़ी मांग, घाटों व कुंडों पर श्रद्धा का सैलाब

Tue, 20 Sep 2022 09:49 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 20 Sep 2022 09:49 AM IST
सार

माताएं आज अपनी संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए तालाबों, कुंडों व गंगा घाटों पर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करेंगी। जीवित्पुत्रिका व्रत शनिवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है। वहीं 19 सितंबर को सुबह पारण कर उपवास तोड़ेंगी। 

विज्ञापन
Jitiya Vrat 2022 Demand for Jitiya lockets of gold and silver increased in varanasi
Jivitputrika Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जीवित्पुत्रिका व्रत शनिवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। अपनी संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए तालाबों, कुंडों व गंगा घाटों पर रविवार को भगवान जीमूतवाहन की पूजा करेंगी। वहीं 19 सितंबर को सुबह पारण कर उपवास तोड़ेंगी। व्रत की सामग्री की खरीदारी को लेकर शनिवार को रौनक रही। 

विज्ञापन

महिलाओं ने सोने व चांदी की जिउतिया बनवाई
महिलाओं ने इस व्रत से जुड़े सामानों की खरीदारी करने के साथ अधिकतर महिलाओं ने जिउतिया भी गुथवाई। कई महिलाओं ने जहां धागे वाली जिउतिया गुथवाई तो वहीं कुछ महिलाओं ने सोने व चांदी की भी जिउतिया बनवाई। पूजन सामग्री के साथ फलों व अन्य सामानों की भी खरीदारी हुई। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि संतान की दीर्घायु व सुखी जीवन के लिए रखी जाने वाली जिउतिया व्रत वाले दिन में जिउतिया वाली लॉकेट बहुत ज्यादा महत्व रखती है। इस दिन महिलाएं लाल या पीले रंग की धागा अपने गले में धारण करती हैं। इसमें एक धागा साधारण तरीके का होता है। इसमें तीन जगह गांठें लगी रहती हैं। इसकी गांठें सामान्य होती हैं, वहीं कई महिलाएं अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने की लॉकेट में भी जिउतिया बनवाकर धारण करती हैं। 

विज्ञापन
Trending Videos

Jitiya Vrat 2022 Demand for Jitiya lockets of gold and silver increased in varanasi
Jivitputrika Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला।

बच्चों के जीवन में आती है सुख-समद्धि 
सुंदरपुर निवासी कुसुम मिश्रा ने बताया कि जीवित्पुत्रिका व्रत में भगवान जीमूतवाहन की प्रतिमा जल में स्थापित करके पूजा शुरू की जाती है। इस दौरान धूप, दीप, अक्षत, फूल, माला अर्पित कर पूजा की जाती है। प्रतिमा पर सिंदूर का टीका लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे मनचाहा वरदान मिलता है। बच्चों के जीवन में सुख-समद्धि आती है।
ये है व्रत की पूजा की सामग्री
इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन, गाय के गोबर से बने चील-सियारिन की पूजा का विधान है। जीवित्पुत्रिका व्रत में अक्षत, पेड़ा, दूर्वा की माला, पान, लौंग, इलायची, पूजा की सुपारी, शृंगार सामान, सिंदूर, पुष्प, गांठ का धागा, कुश से बनी जीमूतवाहन की मूर्ति, धूप, दीप, मिठाई, फल, बांस के पत्ते, सरसों का तेल, खली, गाय का गोबर पूजा में जरूरी है।

विज्ञापन

Jitiya Vrat 2022 Demand for Jitiya lockets of gold and silver increased in varanasi
Jivitputrika Vrat 2022 - फोटो : iStock

सामान्य रहे फलों के दाम
जिउतिया व्रत को लेकर जहां पूजन सामग्रियों की खरीदारी हुई। वहीं फलों के दामों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। पहड़िया में फल व्यवसायी किशन सोनकर ने बताया कि हर साल की अपेक्षा इस साल फलों की आवक अच्छी होने की वजह से फलों के दाम सस्ते रहे। मंडी में शनिवार को नाशपाती 100 से 120 रुपये है। सेब के दाम 70 से 80 बिका, वहीं केला 50 रुपये दर्जन रहा। इसके अलावा अनानाश 40 से 45, नारियल 40 से 50, अनार 80 रुपये किलो बिका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed