फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Jeetendra of Varanasi, who won the war from Corona, said - the staff also got full support with the doctors in the hospital

कोरोना से जंग जीतने वाले वाराणसी के जीतेंद्र ने कहा-अस्पताल में डॉक्टरों के साथ स्टाफ का भी पूरा सपोर्ट मिला 

Wed, 08 Apr 2020 12:05 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 08 Apr 2020 12:05 AM IST
विज्ञापन
Jeetendra of Varanasi, who won the war from Corona, said - the staff also got full support with the doctors in the hospital
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

कोरोना बाहर से आने वाली बीमारी है। ऐसे में इससे जितनी सतर्कता बरती जाए वही बेहतर है। शिवपुर निवासी जितेंद्र 11 दिन तक अस्पताल में कोरोना से जंग लड़ने के बाद अब फिट होकर अपने घर पहुंच गया है। मंगलवार दोपहर बाद घर पहुंचे जितेंद्र ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में कहा कि अस्पताल में उन्हें डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ का भी पूरा सपोर्ट मिला। उसने बताया कि वह घर जरूर पहुंच गया लेकिन किसी से 14 दिनों तक नहीं मिलेगा। अपने नवजात बच्चे को भी 14 दिन बाद ही देखेगा।

विज्ञापन

पत्नी की डिलीवरी के लिए बॉस से मांगी थी छुट्टी

जितेंद्र ने बताया कि वह तो  पत्नी की डिलिवरी के लिए दुबई से वाराणसी आ रहा था। इसके लिए पहले से ही बॉस से छुट्टी ली थी। क्या पता था कि कोरोना का संक्रमण उसे भी अपनी जद में ले लेगा। बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट पर आने के बाद भी उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। बाद में गले में खरास हुई थी तो डॉक्टर को बता दिया। दुबई से घर आने के बाद उसने खुद को क्वारंटीन कर लिया था।

विज्ञापन

 

Jeetendra of Varanasi, who won the war from Corona, said - the staff also got full support with the doctors in the hospital
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

अस्पताल में डॉक्टरों ने बढ़ाया हौसला

बारह दिन तक अस्पताल में रहकर इलाज कराने वाले जितेंद्र का कहना है कि अस्पताल में भी उसे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। यहां इलाज कर रहे डॉक्टरों ने भी उसका हौसला बढ़ाया। इलाज के दौरान डॉक्टर बार-बार उसे प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और समय-समय पर योग करने और साफ-सफाई पर ध्यान देने की बात करते रहे। जितेंद्र बताया कि वह वार्ड में ही योग भी किया करता था।

लॉकडाउन से बेहतर कोई विकल्प नहीं

जितेंद्र का कहना है कि कोरोना केवल देश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर एक बड़ी महामारी का रूप ले चुका है। ऐसे में जिस तरह से लॉकडाउन किया गया है और लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की जा रही है तो इसको सभी को गंभीरता से लेना चाहिए। इससे बेहतर कोई और विकल्प नही है। 

 

Jeetendra of Varanasi, who won the war from Corona, said - the staff also got full support with the doctors in the hospital
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

11 दिन बाद अस्पताल से जितेंद्र की छुट्टी

कोरोना वायरस से संक्रमित जिले का दूसरा मरीज जितेंद्र भी 11 दिन तक कोरोना से जंग लड़ने के बाद मंगलवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गया। 20 मार्च को दुबई से वाराणसी वापस आने के बाद गले में खराश की शिकायत हुई तो जितेंद्र अपने एक साथी के साथ दीनदयाल अस्पताल में जांच कराने पहुंचा था। 

तबीयत जब ठीक नही हुई तो फिर 27 मार्च को जितेंद्र ने खुद ही दीनदयाल अस्पताल जाकर अपना सैंपल दिया। 28 मार्च को रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। 11 दिन में अब उसकी लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मंगलवार को अस्पताल से उसकी छुट्टी हो गई है। फिलहाल घर पर भी उसकी निगरानी होती रहेगी, जिससे कि किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि जितेंद्र को अस्पताल से डिस्चार्ज तो कर दिया गया है लेकिन डाक्टरों की टीम उसकी मोनिटरिंग करती रहेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed