Varanasi: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल बोले- राष्ट्रीय शिक्षा नीति दे रही बदलाव का माहौल, छात्रों का होगा विकास
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ सभागार में अकादमिक समिति और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से नई शिक्षा नीति में संभावनाओं की खोज विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया।
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमें बदलाव का माहौल दे रही है। यह नया समय है, जिसकी वजह से हम दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकते हैं। इस शिक्षा नीति ने हमें स्वतंत्र चिंतन का मौका दिया है।
वह शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ सभागार में अकादमिक समिति और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से नई शिक्षा नीति में संभावनाओं की खोज विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने का कार्य करना चाहिए।
हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था को व्यावहारिक बनाना चाहिए। उस पद्धति को छोड़ना होगा, जो विद्यार्थी के भीतर तनाव पैदा करे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इन सभी समस्याओं का समाधान है। यह नीति छात्रों का सर्वांगीण विकास करने में सहायक सिद्ध होगी।
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विशिष्ट अतिथि एनआईटी प्रयागराज के निदेशक प्रो. रमाशंकर वर्मा ने कहा कि हमें तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे संस्थान खड़े करने होंगे। नई शिक्षा नीति में ये खासियत है कि वह भारत के प्राचीन वैभव को लौटा सकती है।
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि नई शिक्षा नीति से हमें अपनी ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाना होगा। स्वागत प्रो. बंशीधर पांडेय, संचालन डॉ. आरती विश्वकर्मा और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव हरीशचंद ने किया। इस दौरान नैक के पूर्व निदेशक प्रो. एएन राय, बीएचयू के डॉ. आलोक गाडिया, डॉ. धनंजय विश्वकर्मा ने विचार व्यक्त किए।