खुद पर चढ़ाए गए फूलों की अगरबत्ती से पूजे जाएंगे काशी विश्वनाथ, रोज री-साइकिल होंगे 10 टन निर्माल्य
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काशी के नाथ यानी बाबा विश्वनाथ अब पर्यावरण के हित में एक कदम आगे बढ़ने जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर से निकलने वाले निर्माल्य (फूल और बेलपत्र) से तैयार अगरबत्ती बाबा दरबार को सुगंधित करेंगी। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए आईटीसी (ITC) से करार किया है।
इसमें वाराणसी की स्वयं सहायता समूह की मदद से प्रतिदिन निकलने वाले 10 टन फूल और पत्तियों को री-साइकिल (Recylce) किया जाएगा। अगरबत्ती बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर से निकलने वाले फूल-माला का निस्तारण अब गंगा में होने से रोकने के लिए मंदिर प्रशासन ने आईटीसी कंपनी की मदद से निर्माल्य को अगरबत्ती सहित अन्य चीजों को तैयार करने का साझा कार्यक्रम तैयार किया है।
इसमें अगरबत्ती की कीमत 120 रुपये रखी गई है, जिसमें 20 रुपये का लाभांश मंदिर प्रशासन को प्राप्त होगा। इसमें मंदिर से निकलने वाले निर्माल्य और घाटों पर फूल-माला को एकत्रित किए जाएंगे। वहां से मोटरबोट द्वारा फूल-माला को प्लांट तक ले जाया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि अगरबत्ती बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंदिर के स्टाल आदि पर जल्द ही यह बिक्री के लिए आएगा। अगस्त में इसका लोकार्पण कराया जाएगा।