यूपी: विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत जांच समिति में उठेगा हिंदी में बिजली बिल का मुद्दा
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वाराणसी में विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने बिजली बिल पर आपत्ति जताई है। सपा एमएलसी ने कहा कि बिजली मंत्री पर वायदा खिलाफी और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के खिलाफ प्रदेश की राजभाषा हिंदी का अपमान करने का मामला विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत जांच समिति में उठाया जाएगा।
सपा एमएलसी ने कहा कि बिजली के सभी बिल हिंदी में उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए था। अक्षरों के फॉण्ट साइज 10 से कम भी नहीं होने चाहिए थे। ताकि, उपभोक्ता सुगमता पूर्वक देख सके। उनकी आपत्ति है कि लगभग एक साल पहले जब यह सवाल विधान परिषद में उठाया गया था, तो बिजली मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया था कि बिजली के बिल हिंदी में छाप कर दिए जाएंगे।
उनके कहने के पालन में पश्चिम डिस्कॉम ने सहारनपुर, आदि जनपदों में हिंदी में बिल उपभोक्ताओं को दे रहे हैं। लेकिन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से अब तक देवनागरी लिपि व हिंदी भाषा में बिजली बिलों को नहीं दिया जा रहा है। रोमन लिपि व अंग्रेजी भाषा में छापे जा रहे बिलों में लिखे अक्षर इतने छोटे होते हैं कि बुनकर, मेनतकश कामगार, किसान उसको समझ ही नहीं पाते हैं।
हिंदी बोलने, बतियाने व अपना काम अपनी भाषा में करने वाले उपभोक्ताओं को अंग्रेजी में बिल भेजा जाता है। पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम को यह याद रखना चाहिए कि राज्य की काम-काज की भाषा हिंदी है न कि अंग्रेजी।
इसके बावजूद अंग्रेजी में बिलों को छापने का काम अनुचित होने के साथ प्रदेश की राजभाषा हिंदी का अनादर भी है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को 14 सितंबर के पहले अंग्रेजी की जगह हिंदी में बिलों को छापने का निर्णय सार्वजनिक करना चाहिए।