UP: रेलकर्मियों की हित की रक्षा को सड़क से संसद तक होगा संघर्ष, IREF के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने किया वादा
इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन में सर्वजीत सिंह दोबारा राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए। वहीं अन्य पदाधिकारियों ने समस्याओं पर भी चर्चा की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसके समाधान के लिए आश्वस्त किया।
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Varanasi News: इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन (आईआरईएफ) के चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश पांडेय चुने गए। वहीं, राष्ट्रीय महामंत्री सर्वजीत सिंह दोबारा बनाए गए। भारतीय रेल के सभी 15 जोन और उत्पादन इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को लहरतारा स्थित पूर्वोत्तर रेलवे मैदान में आयोजित मतदान में भाग लिया।
इस दौरान अखिलेश पांडेय ने कहा कि निजीकरण, ठेकेदारी और पुरानी पेंशन बहाली के खिलाफ और रेल कर्मियों के हित की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष होगा। सैनिक के भांति रेल कर्मी 24 घंटे ड्यूटी देते हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा भारतीय रेल को गर्त में ले जा रही है।
इसका दुष्परिणाम केवल रेल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक, किसान, रेहड़ी–ठेला चलाने वाले और भारत की जीवनरेखा पर निर्भर प्रत्येक वर्ग झेल रहा है। यदि भारतीय रेल निजी हाथों में जाती है तो सबसे अधिक प्रभावित निम्न वर्ग होगा।
विभिन्न मसलों पर हुई चर्चा
युवाओं को नई पेंशन योजना (एनपीएस) में धकेलकर उनके भविष्य को अंधकारमय कर दिया गया है लेकिन इंडियन रेलवे एम्प्लॉयी फेडरेशन (आईआरईएफ) पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई अब एक नई रणनीति और नई ऊर्जा के साथ लड़ेगा। अधिवेशन में अखिलेश पाण्डेय को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, वहीं सर्वजीत सिंह पुनः राष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित हुए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने बताया कि संगठन को मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से अधिवेशन में कई विशेष निर्णय लिए गए। इसमें आईटी सेल का गठन किया गया, जिसके प्रभारी मिथिलेश भारती मनोनीत हुए। सलाहकार समिति का गठन हुआ, जिसमें सुभाष दूबे को समिति का सदस्य बनाया गया।
नए पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष प्रदीप यादव (बरेका), सहायक संगठन मंत्री सुशील कुमार व मृत्युंजय बनाए गए। इंडियन रेलवे इम्प्लॉइज फेडरेशन के मीडिया कोऑर्डिनेटर दुर्गेश पांडेय ने कहा कि आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज होगा और रेलवे कर्मचारियों की एकता से ही सभी मांगें पूरी कराई जाएंगी।