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जांच के दायरे में आ सकते हैं कई अधिकारी-कर्मचारी
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर जालसाजी करने के मामले में अब पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कार्रवाई से हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि पुलिसिया जांच के दायरे में विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ अधिकारी और कर्मचारी आ सकते हैं।
विश्वविद्यालय में नियुक्ति दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने एक दो नहीं बल्कि 23 युवाओं से धन उगाही की गई थी। इसमें किसी ने तीन लाख तो किसी से छह लाख रुपये तक जालसाजों ने ले लिए थे। युवाओं ने जब नियुक्ति की जानकारी की तो जालसाजी का खुलासा हुआ। इसके बाद 17 जुलाई को इसकी शिकायत की गई थी। प्रथम दृष्टया वेबसाइट के कानपुर में तैयार कराने और आगरा, सीतापुर, फिरोजाबाद आदि जगहों के युवाओं से नौकरी के लिए रुपये लिए गए।
फर्जी वेबसाइट बनाए जाने की शिकायत की जांच के प्रकरण में पुलिस का पूरा सहयोग किया जाएगा। पुलिस को जो भी अभिलेख जरूरी होंगे, नियमानुसार दिए जाएंगे। -राजबहादुर, कुलसचिव
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विश्वविद्यालय के प्रकरण में चल रही जांच में अभी कई लोगों से पूछताछ की जाएगी, जिससे कि जल्द से जल्द खुलासा हो सके। - प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर चेतगंज
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विश्वविद्यालय में नियुक्ति दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने एक दो नहीं बल्कि 23 युवाओं से धन उगाही की गई थी। इसमें किसी ने तीन लाख तो किसी से छह लाख रुपये तक जालसाजों ने ले लिए थे। युवाओं ने जब नियुक्ति की जानकारी की तो जालसाजी का खुलासा हुआ। इसके बाद 17 जुलाई को इसकी शिकायत की गई थी। प्रथम दृष्टया वेबसाइट के कानपुर में तैयार कराने और आगरा, सीतापुर, फिरोजाबाद आदि जगहों के युवाओं से नौकरी के लिए रुपये लिए गए।
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फर्जी वेबसाइट बनाए जाने की शिकायत की जांच के प्रकरण में पुलिस का पूरा सहयोग किया जाएगा। पुलिस को जो भी अभिलेख जरूरी होंगे, नियमानुसार दिए जाएंगे। -राजबहादुर, कुलसचिव
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विश्वविद्यालय के प्रकरण में चल रही जांच में अभी कई लोगों से पूछताछ की जाएगी, जिससे कि जल्द से जल्द खुलासा हो सके। - प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर चेतगंज