{"_id":"631f7ab53835e81f15234541","slug":"introduced-to-the-lamp-of-the-house-got-the-blessings-of-the-elder-varanasi-news-vns6739096105","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर के चिराग से मिलवाया, बड़े का आशीर्वाद दिलवाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर के चिराग से मिलवाया, बड़े का आशीर्वाद दिलवाया
विज्ञापन
वाराणसी के अपना घर आश्रम के माध्यम से कानपुर और सीतापुर निवासी परिवार की महीनों बाद खुशियां लौटी हैं। कानपुर के एक वृद्ध छह महीने पहले अपने घर से लापता हो गए थे। कैंट स्टेशन से उन्हें आश्रम लाया गया। सेवा और उपचार के बाद उनकी काउंसिलिंग की गई।
इस दौरान उन्होंने अपना पता कानपुर नगर बताया। वहां की पुलिस से संपर्क किया गया। काफी प्रयासों के बाद वृद्ध के परिवार को सूचना मिल सकी। सोमवार को वृद्ध का बेटा व परिवार के लोग वाराणसी आश्रम पहुंचे। बेटे को महीनों बाद देखने पर पिता की आंखें भर आईं। बेटे ने अपना घर आश्रम के लोगों का धन्यवाद दिया।
सीतापुर के खैराबाद निवासी शुभम जोशी डेढ़ साल पहले अपने घर से भटक गए थे। किसी तरह वह कैंट स्टेशन पहुंचे। एक माह पहले सिगरा से उन्हें असहाय अवस्था में आश्रम लाया गया। कुछ दिन सेवा और इलाज के बाद जब उनकी मानसिक स्थिति ठीक हुई तो उन्होंने अपने घर का पता बताया। जिसके बाद वहां के अधिकारियों से संपर्क किया गया। सोमवार को शुभम के पिता और परिवार वाले आश्रम पहुंचे। बेटे से मिलकर सभी की आंखें नम हो गईं। पिता ने बताया कि बेटे के गुम होने के बाद उसे ढूंढने की बहुत कोशिश की। हम सब उम्मीद छोड़ चुके थे। आज उसे आंखों के सामने देखकर काफी खुश हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने अपना पता कानपुर नगर बताया। वहां की पुलिस से संपर्क किया गया। काफी प्रयासों के बाद वृद्ध के परिवार को सूचना मिल सकी। सोमवार को वृद्ध का बेटा व परिवार के लोग वाराणसी आश्रम पहुंचे। बेटे को महीनों बाद देखने पर पिता की आंखें भर आईं। बेटे ने अपना घर आश्रम के लोगों का धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
सीतापुर के खैराबाद निवासी शुभम जोशी डेढ़ साल पहले अपने घर से भटक गए थे। किसी तरह वह कैंट स्टेशन पहुंचे। एक माह पहले सिगरा से उन्हें असहाय अवस्था में आश्रम लाया गया। कुछ दिन सेवा और इलाज के बाद जब उनकी मानसिक स्थिति ठीक हुई तो उन्होंने अपने घर का पता बताया। जिसके बाद वहां के अधिकारियों से संपर्क किया गया। सोमवार को शुभम के पिता और परिवार वाले आश्रम पहुंचे। बेटे से मिलकर सभी की आंखें नम हो गईं। पिता ने बताया कि बेटे के गुम होने के बाद उसे ढूंढने की बहुत कोशिश की। हम सब उम्मीद छोड़ चुके थे। आज उसे आंखों के सामने देखकर काफी खुश हूं।
विज्ञापन