UPSC: यूपीएससी में सफल होने वालों से पूछा, बनारस की मिठाई मलइयो के बारे में बताइए, मिला ये जवाब
Varanasi News: साक्षात्कार में बीएचयू की शिक्षा, काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत, ऑनलाइन उत्पीड़न के बारे में भी सवाल पूछे गए...
विस्तार
बनारस की मलइयो क्या है? इसे प्राचीन जिंदा शहर क्यों कहा जाता है?
बनारस की खास मिठाई मलइयो पर भी प्रश्न पूछा गया। 318वीं रैंक हासिल करने वाले राना डे से साक्षात्कार बोर्ड ने बनारस के परंपरागत खानपान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि कचौड़ी, सब्जी, जलेबी और मलइयो। इस पर बोर्ड ने अगला सवाल पूछ दिया कि मलइयो क्या है?
इस पर उन्होंने बताया कि दूध से निर्मित यह खास तरह की मिठाई सर्दी के कुछ महीनों में ही मिलती है। राना डे से पूछा गया कि बनारस को प्राचीन जिंदा शहर क्यों कहा जाता है? इस पर उन्होंने कहा कि बनारस 2500 वर्ष से आबाद है। इसलिए इसे जिंदा शहर कहते हैं।
बीएचयू में पहले शिक्षा का स्तर अच्छा था, क्या कारण है कि वहां राजनीति बढ़ गई?
यूपीएससी की परीक्षा में 121वीं रैंक हासिल करने वाले शहर के शाश्वत अग्रवाल से बोर्ड के चेयरमैन ने पहला सवाल पूछा कि आप बनारस से हैं। काशी का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व बताइए। इस पर उन्होंने विदेशी लेखक मार्क ट्वेन का हवाला देते हुए कहा कि ट्वेन ने वाराणसी के बारे में लिखा है ‘बनारस इज ओल्डर दैन हिस्ट्री, ओल्डर दैन ट्रेडिशन...’ यानी बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है। यहां बीएचयू, विद्यापीठ समेत चार-चार विश्वविद्यालय हैं।
इस पर बोर्ड के सदस्यों ने अगला सवाल पूछ लिया कि बीएचयू में पहले शिक्षा का स्तर काफी अच्छा था, क्या कारण है कि अब वहां राजनीति बढ़ गई है? इस पर शाश्वत ने बताया कि सर, मैं बीएचयू में पढ़ा तो नहीं हूं, लेकिन इसका एक कारण प्रतीत होता है कि विचारों का ध्रुवीकरण बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा होगा।
ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में एक प्रशासक को क्या करना चाहिए?
357वीं रैंक पाने वाले दुर्गाकुंड के अर्चित से वाराणसी से जुड़े सवाल नहीं पूछे गए। उनसे यूके में हुई एक घटना से जुड़ा कठिन सवाल मेटावर्स जैसे ऑनलाइन स्थानों पर यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में एक प्रशासक के रूप में उनकी राय पूछी गई। इस पर उन्होंने बताया कि कानूनी प्रावधानों के मुताबिक इस पर फैसला लूंगा।
शिवाला की अदिति को मिली 127वीं रैंक
बीएचयू के दंत चिकित्सा विभाग से 2018 में बीडीएस कर चुकीं अदिति उपाध्याय ने यूपीएससी की परीक्षा में 127वीं रैंक हासिल की है। उनका परिवार शिवाला क्षेत्र में रहता है। सनबीम भगवानपुर से 12वीं करने के बाद उन्होंने बीडीएस किया। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इससे पूर्व उन्होंने फाउंडेशन कोर्स किया था, लेकिन उसके बाद स्वाध्याय के बल पर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाई।शिवाला की अदिति को मिली 127वीं रैंक
बीएचयू के दंत चिकित्सा विभाग से 2018 में बीडीएस कर चुकीं अदिति उपाध्याय ने यूपीएससी की परीक्षा में 127वीं रैंक हासिल की है। उनका परिवार शिवाला क्षेत्र में रहता है। सनबीम भगवानपुर से 12वीं करने के बाद उन्होंने बीडीएस किया। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इससे पूर्व उन्होंने फाउंडेशन कोर्स किया था, लेकिन उसके बाद स्वाध्याय के बल पर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाई।
क्या सिगरेट पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए?
यूपीएससी की परीक्षा में 111वीं रैंक प्राप्त करने वाली मच्छोदरी के कोयला बाजार की रहने वाली अरफा उस्मानी से पूछा गया कि क्या शराब की तरह सिगरेट पर भी प्रतिबंध लगा देना चाहिए। इस पर उन्होंने कहा, नहीं। इससे समस्या जड़ से नहीं खत्म होगी। हमें सामाजिक सुधार पर जड़ से काम करने की जरूरत है।
फुंसुक वांगड़ू के लद्दाख के रीयल कैरेक्टर का इनीशिएटिव पूछा
जीएसटी की असिस्टेंट कमिश्नर जाह्नवी दुबे से थ्री इडियट्स फेम फुंसुक वांगड़ू के लद्दाख के रीयल कैरेक्टर का कोई इनीशिएटिव पूछा गया, जिसे रिकॉल न कर पाने के कारण उन्होंने सॉरी बोल दिया।