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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   International Day of Older person 2024 Geriatric syndrome poses threat to health of elderly

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: जीरियाट्रिक सिंड्रोम से बुजुर्गों की सेहत पर संकट, डॉक्टर दे रहे ये सलाह

Tue, 01 Oct 2024 05:10 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 01 Oct 2024 05:10 PM IST
सार

जीरियाट्रिक सिंड्रोम से बुजुर्गों की सेहत पर संकट है। बीएचयू में हर दिन 100 बुजुर्गों का इलाज चल रहा है। 

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International Day of Older person 2024 Geriatric syndrome poses threat to health of elderly
elderly - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याएं होती हैं। किसी को जोड़ों मे दर्द तो कोई दिल की बीमारी, नींद न आने, भूलने की बीमारी से परेशान रहता है। बुजुर्गों में होने वाली इस तरह की समस्या जीरियाट्रिक सिंड्रोम की वजह से हो रही है। बीएचयू अस्पताल में जीरियाट्रिक विभाग की ओपीडी में हर दिन ऐसे करीब 50 मरीज पहुंच रहे हैं।

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डॉक्टरों के अनुसार नियमित व्यायाम और खानपान पर विशेष ध्यान देने से इस तरह की समस्या से निजात पाया जा सकता है। बुजुर्गों की देखभाल, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 01 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। जीरियाट्रिक विभाग की ओर से ओपीडी चलाने के साथ ही परिसर में नेशनल एजिंग सेंटर का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। सेंटर के बन जाने के बाद एक ही छत के नीचे बुजुर्गों को जांच, इलाज, भर्ती आदि की सुविधाएं मिल जाएंगी।
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जीरियाट्रिक विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार का कहना है कि विभाग की ओपीडी में करीब 100 बुजुर्ग हर दिन आते हैं। इसमें औसतन 50 प्रतिशत लोगों में जीरियाट्रिक सिंड्रोम से जुड़े लक्षण (चलने में परेशानी, जोड़ों में दर्द, अस्थिरता बने रहना, किसी बात को भूलना आदि) मिलते हैं। ऐसे लोगों की उम्र 60 साल और उससे अधिक होती है। कुछ लोगों में यह लक्षण 50 साल के बाद ही दिखने लगते हैं। ओपीडी में जांच के साथ ही सेहत के प्रति जागरूकता से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।
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बुजुर्गों से संवाद बनाने, खानपान पर ध्यान देना जरूरी
प्रो. अनूप सिंह का कहना है कि जिस घर में बुजुर्ग रह रहे हैं, उनके परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी बढ़ जाती हैं। बुजुर्गों संग आपसी संवाद बनाए रखने, उनके खानपान पर ध्यान देने के साथ ही उनकी सेहत की निगरानी भी करते रहना चाहिए। किसी तरह की समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

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