ये कैसी मनमानी: बीएचयू अस्पताल में इंटर्न डॉक्टर ने इलाज के नाम पर मरीज से लिए रुपये, ऐसे पकड़ी गई चोरी
घटना इमरजेंसी में हुई। मरीज के परिजनों ने मौके पर पहुंची आईएमएस बीएचयू की
प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम से इसकी शिकायत की तो इंटर्न के मोबाइल की जांच की गई। इस दौरान पैसे लेने की पुष्टि हुई। अब मामले में कार्रवाई के लिए आयुर्वेद संकाय प्रमुख को पत्र लिखा गया है।
विस्तार
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में आयुर्वेद संकाय के इंर्टन डॉक्टर ने मरीज के परिजनों से इलाज के नाम पर 500 रुपये ले लिया। इसकी शिकायत परिजनों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से की। मौके पर पहुंची प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने शिकायत को सही पाया। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर ने आयुर्वेद संकाय प्रमुख को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
शनिवार को इमरजेंसी में तैनात इंटर्न डॉक्टर (बीएएमएस) ने एक मरीज के परिजनों से इलाज के नाम पर 500 रुपये ले लिया। मजे की बात यह है कि उसने यह पैसा ऑनलाइन लिया। मरीज के परिजन इसकी शिकायत मौके पर मौजूद अधिकारियों से की।
उधर सूचना मिलने के बाद सूचना पाकर मौके पर आईएमएस बीएचयू की प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम पहुंची तो परिजनों ने उनसे भी इंटर्न डॉक्टर के पैसा लेने की शिकायत की। मौके पर इंटर्न के मोबाइल की जांच की गई तो उसमें 500 लेने की पुष्टि हुई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिवप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए आयुर्वेद संकाय प्रमुख को पत्र लिखा गया है।
पहले भी कई मरीज से इंटर्न डॉक्टर ले चुका है पैसा
जिस इंटर्न डॉक्टर के 500 रुपये मरीज से इलाज के नाम पर लेने का खुलासा हुआ है, यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी उसने कई मरीजों से पैसा लिया है। जब बीएचयू में बिना जांच रसीद के जांच नहीं होती है तो अब सवाल यह है कि वह पैसा लेकर कैसे जांच कराता है। अब जब इसकी शिकायत हुई है तो इसका खुलासा हुआ।
आईएमएस निदेशक बोले-मामले की कराएंगे जांच, होगी कार्रवाई
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार का इस पूरे मामले पर कहना है कि मरीजों से इलाज के नाम पर पैसा लेना गलत है। आयुर्वेद संकाय के प्रमुख से इस बारे में रिपोर्ट मांगी जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित इंटर्न डॉक्टर पर कार्रवाई भी की जाएगी।