वाराणसी पुलिस की चूक से 15 माह से सलाखों के पीछे कैद है बेगुनाह युवक
पुलिस अपनी अजब-गजब करतूतों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहती है। ताजातरीन मामला वाराणसी के फूलपुर क्षेत्र निवासी एक युवती के अपहरण से जुड़ा है। अपहृत युवती शादी करके पति के साथ रह रही है और भोजपुरी सिनेमा/संगीत कार्यक्रम के साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी सक्रिय रहती है।
वहीं, उसके अपहरण के आरोप में उसका एक दोस्त बीते 15 महीने से जिला जेल की सलाखों के पीछे है। एसएसपी ने सीओ पिंडरा से हाल ही में तफ्तीश कराई तो प्रकरण की गुत्थी सुलझी। अब पुलिस युवक को रिहा कराने के प्रयास में जुटी है। वहीं, इस प्रकरण में जांच के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जल्द ही विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
फूलपुर थाना अंतर्गत भवानीपुर ताड़ी गांव में रहने वाली एक युवती बीते साल अगस्त महीने में घर से निकली तो वापस नहीं लौटी। युवती के पिता की तहरीर के आधार पर 22 अगस्त 2019 को फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। युवती के पिता का आरोप था कि उनकी बेटी पहले भी बराई गांव निवासी सौरभ दूबे के साथ सारनाथ क्षेत्र में देखी गई थी और एक बार उसके मामा के घर भी गई थी।
इस वजह से उन्हें शंका है कि सौरभ ही उनकी बेटी का अपहरण किया है और इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 24 अगस्त 2019 को सौरभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद करने या उसके संबंध में पता लगाने का प्रयास ही नहीं किया और सौरभ तब से अब तक जिला जेल में ही है। बीते महीने हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय ने तफ्तीश शुरू की तो पता लगा कि युवती शहर में ही रह रही है।
23 अक्तूबर को युवती को पांडेयपुर क्षेत्र से बरामद किया गया तो उसने पुलिस को बताया कि वह शादी करके अपने पति के साथ आराम से रह रही है। साथ ही, वह भोजपुरी सिनेमा और सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर सक्रिय है। इसके बाद जाकर 15 माह पहले गायब हुई युवती के प्रकरण का पटाक्षेप हुआ और पुलिस ने राहत की सांस ली। फूलपुर थाने की पुलिस अब युवक की रिहाई के प्रयास में जुट गई है।
हाईकोर्ट ने एसएसपी को किया तलब तो सुलझी गुत्थी
सौरभ दूबे के साथ उसके मामा सुधीर पाठक को भी युवती के पिता ने मुकदमे में आरोपी बनाया था। इसे लेकर सुधीर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने एसएसपी अमित पाठक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया तो उन्होंने सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय को प्रकरण की जांच नए सिरे से करने के लिए कहा।
सीओ पिंडरा ने जांच शुरू की तो युवती की पांडेयपुर क्षेत्र स्थित एक शोरूम की फोटो मिली। इसी बीच युवती के टिक-टॉक सहित सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर वीडियो मिले तो उनकी तस्दीक कराई गई। अंततः अपने पति के साथ रह रही युवती पांडेयपुर क्षेत्र से बरामद कर ली गई।