कैसे गुजरेंगे दिन: बिटिया के ऊपर आलमारी गिरी, मैं मलबे में दबी, हादसे में जमींदोज हो गया घर; पीड़िता का दर्द
Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर के येलो जोन में गिर दो जर्जर मकान में आठ लोग घायल हो गए थे। इन्हीं में से एक महिला ने अपना दर्द बयां किया। यूपी के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने अस्पताल में भर्ती घायलों को हाल जाना तो सभी गमगीन हो गए।
विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम के पास बीते मंगलवार की सुबह जर्जर मकानों के गिरने से घायलों का उपचार मंडलीय अस्पताल में चल रहा है। इलाज के बाद डॉक्टर लोगों को डिस्चार्ज भी कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को अस्पताल से वापस जाने पर रहने की चिंता सता रही है।
मंडलीय अस्पताल में अभी भी पांच लोगों भर्ती हैं। इसमें एक ही परिवार के चार लोग इस बात को लेकर चिंतित है कि वह अब रहेंगे कहां। अमर उजाला से बातचीत में परिवार के सदस्यों ने कहा कि हादसे में पूरा घर जमीदोज हो गया है, यहां से जाकर कहां गुजरेगा दिन कुछ पता नहीं है।
विश्वनाथ धाम के पास हुए हादसे में घायल रमेश गुप्ता, उनकी पत्नी कुसुमलता, बेटी रितिका और बेटा ऋषभ मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती हैं। इसमें रमेश के सिर में चोट आई हैं तो बेटी का पैर जख्मी हुआ है। बेटे को भी चेहरे पर जयादा चोट आई है। पूरा परिवार एक लाइन में बेड पर भर्ती है।
उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। साथ ही अस्पताल के एसआईसी से सभी का बेहतर उपचार, जांच करवाते रहने को भी कहा। वह जैसे ही रमेश और उनके परिवार के सदस्यों के पास पहुंचे, लोगों ने रहने की चिंता बताई। कहा कि घर तो अब रहा नहीं तो रहेंगे कहा। इस पर मंत्री ने इस बारे में मुख्यमंत्री से बातचीत कर कुछ हल निकलवाने का भी आश्वासन दिया।
बिटिया के ऊपर एसी, आलमारी गिरी, मैं भी मलबे में दबी
कुसुमलता ने बताया कि मंगलवार को भोर में करीब 3 बजे मकान गिरा तो हम सभी उसमें दब गए थे। बिटिया के ऊपर तो एसी और आलमारी गिरी। मैं भी मलबे में दब गई थी। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग हमारा इलाज तो किसी तरह करवा रहा है लेकिन हम अस्पताल से जाएंगे तो रहेंगे कहा, इस बारे में कोई कुछ नहीं बता रहा है। पूरा घर ही जमींदोज हो गया है। प्रशासन को चाहिए कि वह हमारा मकान बनवाए। जब तक मकान बन रहा है तब तक हमारे रहने की समुचित व्यवस्था करवाए।
क्या हुई थी घटना
मंगलवार को धाम के पास हादसे में 10 लोग मलबे से बाहर निकाले गए थे। इसमें अपनी बहन के वहां आई आजमगढ़ निवासी महिला प्रेमलता की अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, बाकी नौ का इलाज चल रहा था। इसमें एक मरीज को मंगलवार को ही डिस्चार्ज कर दिया गया था।
एक महिला आरक्षी बिंदू कुमारी और आजमगढ़ निवासी सपना गुप्ता को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इसके अलावा दो मरीजों को बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर गई सपना गुप्ता को डॉक्टरों ने वापस मंडलीय अस्पताल भेज दिया। पांच मरीज मंडलीय अस्पताल में भर्ती हैं।
मंत्री जी.. बीएचयू ट्राॅमा सेंटर ने प्लास्टर कर वापस भेज दिया
हादसे में आजमगढ़ के अजमतगढ़ निवासी जिस महिला प्रेमलता गुप्ता की मौत हो गई थी, उसके साथ मौसी के घर आई बेटी सपना गुप्ता भी घायल है। उसके पैर में फ्रैक्चर है और रीढ़ की हड्डी भी टूट गई है। सपना को मंगलवार देर रात मंडलीय अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था।
यहां उसका उपचार तो हुआ लेकिन फिर मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया। निरीक्षण के दौरान जैसे ही आयुष मंत्री सपना के बेड के पास गए, वहा मौजूद उसके भाई आयुष ने कहा कि मंत्री जी ट्रॉमा सेंटर से प्लास्टर कर वापस फिर मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया। केवल एक्सरे, सीटी स्कैन ही हुआ।
डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में चोट का सही इलाज नहीं किया। इस पर आयुष मंत्री ने मामले में ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी से बातचीत कर जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार की व्यवस्था करवाने का आश्वासन दिया तब जाकर आयुष ने राहत की सांस ली।
मुफ्ती-ए शहर के नेतृत्व में टीम ने जाना हाल
मंडलीय अस्पताल में भर्ती घायलों का बृहस्पतिवार को देखने मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल बातिन नोमानी के नेतृत्व में भी एक टीम पहुंची। यहां घायलों से मुलाकात कर लोगों ने कुशलक्षेम जाना और फल वितरित किया। सभी लोगों ने जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। इस दौरान अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकुंदजी श्रीवास्तव से बातचीत कर बेहतर से बेहतर उपचार करने की गुजारिश भी की।