काम की बात: एक क्लिक पर मिलेगी सरकार से मिले प्रोजेक्ट की जानकारी, BHU ने शुरू की नई वेबसाइट; जानें खास
बीएचू में वैज्ञानिक खोजों को लेकर अब जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। विश्वविद्यालय ने नई वेबसाइट बनाई है। इस पर सरकार के दिए गए सभी प्रोजेक्ट का ब्योरा अपलोड किया जाएगा।
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BHU College Varanasi: बीएचयू को सरकार से मिले लाखों-करोड़ों के रिसर्च प्रोजेक्ट की जानकारी अब आम लोगों को भी एक ही क्लिक पर मिल जाएगी। वहीं, अब तक हुए वैज्ञानिक खोजों को भारत सरकार ने प्रमाणिकता दी है या नहीं ये भी पता चल जाएगा। साथ ही ये भी जाना जा सकेगा कि कब-कब नई-नई खोजें हो रहीं हैं।
बीएचयू ने अपनी एकेडमिक उपलब्धियों को छात्रों और आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एक नई वेबसाइट (https://news.bhu.ac.in/) तैयार की है। वेबसाइट ओपन करते ही एक ही क्लिक पर ये जाना जा सकता है संस्थान के पास कितने पेटेंट, रिसर्च और प्रोजेक्ट आए हैं। सरकार के इन प्रोजेक्ट पर कितना काम हुआ है इसे भी लोग जान सकते हैं।
छात्रों को मिलेगी अपने काम की सूचना
देश में पहली बार किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय ने इस तरह की जानकारी वाली वेबसाइट तैयार की है, जहां पर छात्रों को अपने काम की सूचनाओं और अनुसंधानों का पता लगाना आसान होगा।
सबसे ज्यादा फायदा नए दाखिला लेने वाले छात्र और छात्राओं को मिलेगा। रिसर्च और प्रोजेक्ट के अलावा बीएचयू कैंपस की सुविधाओं और व्यवस्थाओं के साथ ही नए पहल को समझने के लिए वीडियो भी देखे जा सकते हैं।
वैज्ञानिकों और पूरी टीम की भी मिलेगी जानकारी
इस वेबसाइट पर अभी तक 2024 और 2025 में मिले 33 प्रोजेक्ट्स, उनके प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर और रिसर्च क्षेत्र की जानकारी दी गई है। इसके अलावा आवेदन और ग्रांट हो चुके 45 पेटेंट्स के बारे में भी एक ही स्थान पर बताया गया है।
साथ ही पेटेंट पाने वाले वैज्ञानिकों के बारे में भी बताया गया है। यदि कोई इनके बारे में जानना चाहता है तो उस पर क्लिक कर पूरी जानकारी ले सकता है। बीएचयू की ओर से दिए गए इन प्राेजेक्ट का अमाउंट भी अपडेट किया जाएगा। जिससे लोगों को सरकार के धन की एक-एक जानकारी रहे।
विदेशी छात्रों के लिए सभी विश्वविद्यालयों को रखनी होंगी 25 फीसदी अतिरिक्त सीटें
सभी विश्वविद्यालयों को विदेशी छात्रों के लिए 25 फीसदी अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था करनी होगी। इसका मकसद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा में एक अंतरराष्ट्रीय और अंतर-सांस्कृतिक आयाम को एकीकृत करना और भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान (एचईएल) तक वैश्विक पहुंच बढ़ाना है।
यूजीसी सचिव प्रो. मनीष जोशी ने इस संबंध में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में विदेशी छात्रों के दाखिले के लिए उन्हें अपनी स्वीकृत सीटों से अतिरिक्त 25 फीसदी सीटें रखनी होंगी। इससे, भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को प्रवेश के लिए सुगम सुविधा मिल सकेगी।