BHU: ट्रॉमा सेंटर में संक्रमण की जांच अब आसान, व्हाटसएप पर मिलेगी रिपोर्ट; कुलपति ने किया सुविधाओं का शुभारंभ
Varanasi News: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में संक्रमण की जांच अब और आसान होगी। मरीजों को माइक्रोबायोलॉजी लैब की रिपोर्ट व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराई जाएगी। कुलपति ने नई माइक्रोबायोलॉजी लैब और अध्ययन कक्ष का शुभारंभ किया। इन सुविधाओं से जांच प्रक्रिया तेज होगी तथा मरीजों और चिकित्सकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
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IMS BHU: आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को नई सुविधाओं का शुभारंभ कुलपति ने किया। यहां नई तकनीक पर आधारित माइक्रोबायोलॉजी लैब में मशीन लगने से संक्रमण की जांच आसानी से हो सकेगी। साथ ही हॉस्पिटल इनफार्मेशन सिस्टम की सहायता से जांच करवाने वाले मरीजों को व्हाटसएप पर जांच की रिपोर्ट भी मिलेगी। सुविधाओं का शुभारंभ करने के कुलपति समेत अन्य अतिथियों ने ट्रॉमा सेंटर प्रभारी, संकाय सदस्यों, तकनीकी कर्मचारियों के साथ संवाद कर मरीजों को मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी हासिल की।
ट्रॉमा सेंटर में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) की सीएसआर योजना के तहत नई तकनीक वाले मशीनों के साथ ही क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी लैब, माइक्रोबायोलॉजी उपकरण, फिजियोथेरेपी उपकरण, अत्याधुनिक ब्लड बैंक एनालाइजर के साथ ही पीजी मेडिकल छात्रों के लिए अध्ययन कक्ष बनाया गया है।
कुलपति प्रो.अजित कुमार चतुर्वेदी ने मरीजों के लिए सुविधाओं की सराहना की। कहा कि रोगी केंद्रित सेवाओं में विस्तार होने से दूर दराज के मरीजों को लाभ मिलेगा। गुणवत्तापूर्ण, सुलभ,साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना, डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार का समावेश समय की आवश्यकता है।
आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर द्वारा उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर सेवाएं सशक्त हुई है। चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. संजय गुप्ता ने कहा कि इन नवीन सुविधाओं से रोगों के सटीक एवं त्वरित निदान में सहायता मिलेगी, चिकित्सकीय निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी तथा विशेष रूप से गंभीर मरीजों के उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
ओएनजीसी के महाप्रबंधक (सीएसआर) नीरज बंसल ने ओएनजीसी द्वारा उपलब्ध कराए गए सीएसआर संसाधनों के जनहितकारी उपयोग के लिए सराहना की और आगामी दिनों में स्वास्थ्य सेवा संबंधी पहलों में सहयोग जारी रखने की बात कही।
20 हजार की बायोफायर जांच केवल 5750 रुपये में होगी
ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि अत्याधुनिक क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में कई आधुनिक डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म स्थापित किए गए हैं। इससे सूक्ष्मजीवों की त्वरित पहचान, बायोफायर द्वारा विभिन्न संक्रमणों एवं एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जीन की एक साथ पहचान हो सकेगी।
साथ ही जीवाणुओं की पहचान, एंटीबायोटिक संवेदनशीलता परीक्षण, खून संक्रमण की सही जानकारी मिलेगी। साथ ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायता मिलेगी। बताया कि निजी अस्पतालों में 20 हजार में होने वाली बायोफायर जांच सरकारी नियमानुसार केवल 5750 रुपये में होगी।