UP News: वाराणसी से प्रयागराज के बीच गंगा किनारे बनेगा औद्योगिक पार्क, 1.91 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
मंडल स्तरीय इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन शनिवार को मंडलायुक्त सभागार में किया गया। इसका उद्घाटन यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी ने किया। साथ ही कहा कि वाराणसी मंडल में 1.52 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
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वाराणसी से प्रयागराज तक गंगा किनारे 1400 एकड़ में औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के 10 जिलों में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने जमीन चिन्हित कर ली है। इसी वित्तीय वर्ष में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गंगा किनारे रामनगर बंदरगाह की तरह ही प्रयागराज तक चार और इंटर मॉडल स्टेशन विकसित करने की योजना है। यहां से औद्योगिक इकाइयों को जल परिवहन से जोड़कर सागर माला परियोजना को भी गति दी जाएगी।
मंडल स्तरीय इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन शनिवार को मंडलायुक्त सभागार में किया गया। इसका उद्घाटन यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी ने किया। साथ ही कहा कि वाराणसी मंडल में 1.52 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इससे 1.91 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। अकेले वाराणसी में ही 1.30 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं।
निवेश प्रस्ताव के मामले में वाराणसी मंडल अब तक आगे
वाराणसी में निवेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों ने 1.70 लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाया है। निवेश प्रस्ताव के मामले में वाराणसी मंडल अब तक आगे है। इन्वेस्टर्स समिट में ही बताया गया कि गंगा किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक पार्क में लॉजिस्टिक पार्क, वेयर हाउस और छोटी-बड़ी उद्योग इकाइयां स्थापित होंगी। इसके लिए चिन्हित जमीनों का भू-उपयोग बदला जाएगा, फिर आवंटन होगा। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक कलस्टर में निर्धारित संख्या में पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी।
जल परिवहन से जुड़ेंगे कानपुर, प्रयागराज व वाराणसी
जल परिवहन के जरिये उद्यमियों का माल प्रयागराज से बनारस, गाजीपुर, पटना होते हुए कोलकाता और हल्दिया तक पहुंच सकेगा। यही नहीं, बांग्लादेश तक भी माल भेजे जाने की व्यवस्था जल परिवहन के जरिये होगी। यूपीसीडा की पहल पर ही गंगा में बड़े-बड़े जलपोत चलेंगे।
छोटे शहरों के लिए छोटे क्षमतानुसार जलपोत और वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग-एक के बीच भारी जलपोत चलाए जाने की तैयारी है। यूपीसीडा कइस योजना को उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। जल्द ही बड़े जलपोत प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी को मिलेंगे। जल्द ही रूटों का निर्धारण किया जाएगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर प्रदेश सरकार का अधिक जोर है।
एनसीआर की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी
औद्योगिक पार्क में कलस्टर के तहत उद्योग इकाइयां विकसित होंगी। फूड, आयरन, कृषि यंत्र, प्लाईवुड, पॉलीबैग, पैकेजिंग समेत अलग कलस्टर में इकाइयां लगेगी। इसके साथ ही एकीकृत व्यवस्था भी उद्यमियों को मिलेगी। बिजली, फायर, प्रदूषण, बैंक और टैक्स संबंधी व्यवस्थाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होगा। यूपीसीडा अधिकारियों के अनुसार, बनारस-प्रयागराज को नोएडा एनसीआर की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर जैसी व्यवस्था यहां होगी।
यातायात के हर मोड़ पर मिलेगी सुविधा
यूपीसीडा अधिकारियों ने बताया कि बनारस और प्रयागराज की कनेक्टिविटी अन्य शहरों से आसान व सुलभ है। बनारस से चंदौली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तक और प्रयागराज से कानपुर, आगरा, नई दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक आवाजाही कर सकते हैं। वर्तमान में छह एक्सप्रेसवे से बनारस-प्रयागराज का जुड़ाव है। इसके साथ ही दोनों शहरों के लिए रेलवे, जलपरिवहन और एयरपोर्ट भी सुविधा है।
जल्द ही शुरू होंगे पांच एयरपोर्ट
प्रदेश में दस एयरपोर्ट बनाने की दिशा में काम चल रहा है, जिसका 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसमें पांच शुरू भी होने वाले हैं। बहुत जल्द ही प्रदेश में 21 घरेलू और पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य होगा।
काशी और प्रयागराज के बीच इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाने को लेकर कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। करीब 1400 एकड़ में पार्क बनाया जाना है। जलपरिवहन के जरिये उद्यमियों के माल ढुलाई पर जोर दिए जाने को लेकर बड़े-बड़े जलपोत भी गंगा में चलेंगे।- प्रेमप्रकाश मीणा, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा
- यह स्वर्णिम दौर है। भारत शक्तिशाली बनने की ओर अग्रसर है। उद्योग बंधुओं का यह महाकुंभ है, जिसमें सभी को शामिल होना चाहिए। - दयाशंकर मिश्र दयालु, राज्यमंत्री
- वाराणसी में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उद्यमियों को अपने बच्चों को यहां लाना चाहिए और मालिक बनाकर काम देना चाहिए। - कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त, वाराणसी
- महाराष्ट्र, गुजरात और दुबई, सिंगापुर में अपना व्यवसाय करने वाले अब जौनपुर आ रहे हैं। 155 लोगों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। निवेश से 8341 लोगों को रोजगार मिलेगा। - मनीष वर्मा, डीएम जौनपुर
- 200 से अधिक कंपनियां आई हैैं। निवेश की अपार संभावनाएं हैं। 80 फीसदी इलाका ग्रामीण है। उद्यमियों की जो जरूरतें हैं, वे आसानी से मिल रही हैं।- ईशा दुहन, डीएम चंदौली
- गाजीपुर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में अच्छा काम हुआ है। कृषि प्रधान जिला है। फूड प्रोसेसिंग और बॉयोमास्क के क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए अच्छा क्षेत्र है। -आर्यका अखोरी, डीएम, गाजीपुर
- पूर्वांचल में कानून का राज है। छह एक्सप्रेसवे हैं। इससे औद्योगिक निवेश बढ़ा है। चहुंओर विकास हो रहा है। सरल और सहज नीति के कारण ही निवेशक आ रहे हैं। - आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए