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सेना में भर्ती हुए भारतीय मूल के गोरखा पर संशय, होगी जांच
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:27 PM IST
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सेना रैली भर्ती में दाैड़ लगाए युवा
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39 जीटीसी में हुई भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मौजूदा समय प्रशिक्षण ले रहे एक जवान के भारतीय मूल के गोरखा होने संबंधी कागजात और उसके पुलिस सत्यापन की सत्यता पर सेना की इंटेलिजेंस विंग को संशय पैदा हुआ है।
इस बारे में कैंटोनमेंट की इंटेलिजेंस विंग से आई शिकायत पर एसएसपी ने मंगलवार को सीओ सदर को जांच सौंप कर रिपोर्ट तलब की है।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि कागजात की मदद से खुद को भारतीय मूल का गोरखा और वाराणसी जिले का मूल निवासी बताते हुए एक युवक सेना में जवान के तौर पर भर्ती हुआ है।
सेना की इंटेलिजेंस विंग की छानबीन के दौरान सामने आया कि भारतीय मूल के गोरखा वाराणसी जिले के मूल निवासी नहीं हैं।
उनका निष्कर्ष है कि इस जवान का गोरखा संबंधी कागजात और पुलिस द्वारा किया गया उसका सत्यापन भी गलत है।
कैंटोनमेंट से आई इस शिकायत पर क्षेत्राधिकारी सदर स्नेहा तिवारी को मामले की जांच सौंपी गई है।
जांच के आधार पर सामने आए तथ्यों से सेना को अवगत कराया जाएगा।
यदि कोई गलत बात सामने आई तो जिन पुलिसकर्मियों ने उक्त जवान के नाम, पते और गोरखा होने की तस्दीक कर सत्यापन किया था उन पर भी सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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इस बारे में कैंटोनमेंट की इंटेलिजेंस विंग से आई शिकायत पर एसएसपी ने मंगलवार को सीओ सदर को जांच सौंप कर रिपोर्ट तलब की है।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि कागजात की मदद से खुद को भारतीय मूल का गोरखा और वाराणसी जिले का मूल निवासी बताते हुए एक युवक सेना में जवान के तौर पर भर्ती हुआ है।
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सेना की इंटेलिजेंस विंग की छानबीन के दौरान सामने आया कि भारतीय मूल के गोरखा वाराणसी जिले के मूल निवासी नहीं हैं।
उनका निष्कर्ष है कि इस जवान का गोरखा संबंधी कागजात और पुलिस द्वारा किया गया उसका सत्यापन भी गलत है।
कैंटोनमेंट से आई इस शिकायत पर क्षेत्राधिकारी सदर स्नेहा तिवारी को मामले की जांच सौंपी गई है।
जांच के आधार पर सामने आए तथ्यों से सेना को अवगत कराया जाएगा।
यदि कोई गलत बात सामने आई तो जिन पुलिसकर्मियों ने उक्त जवान के नाम, पते और गोरखा होने की तस्दीक कर सत्यापन किया था उन पर भी सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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