Varanasi: भारतीय सेना को मिले 255 गोरखा जांबाज, 39 GTC में जवानों ने देश के लिए बलिदान की ली शपथ
वाराणसी में शुक्रवार को छावनी क्षेत्र स्थित 39 जीटीसी में शुकवार सुबह पासिंग आउट परेड में आर-241 जीआर बैच के 255 रंगरूटों ने देश रक्षा की शपथ ली। यह सभी रंगरूट 42 हफ्ते की कठिन परिश्रम की भट्ठी में तपकर कुंदन बने हैं।
विस्तार
वाराणसी में शुक्रवार को छावनी क्षेत्र स्थित 39-गोरखा ट्रेनिंग सेंटर (जीटीसी) में 255 रंगरूट भारतीय सेना का अभिन्न हिस्सा बने। इस दौरान रंगरूटों ने पवित्र ग्रंथ गीता पर हाथ रखकर भारतीय संविधान में आस्था रखने, देशभक्ति और भारतीय सेना में कर्तव्यनिष्ठा से सेवा करने का संकल्प लिया। परेड के बाद गोरखा जवानों को उनका परंपरागत हथियार खुखरी भेंट किया गया। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए रंगरूटों को पुरस्कार दिया गया।
39 जीटीसी में शुकवार सुबह पासिंग आउट परेड में आर-241 जीआर बैच के 255 रंगरूटों ने देश रक्षा की शपथ ली। यह सभी रंगरूट 42 हफ्ते की कठिन परिश्रम की भट्ठी में तपकर कुंदन बने हैं। उन्होंने यह सीखा कि दुश्मन देश के सामने कभी सिर नहीं झुकाएंगे और भारत भूमि की रक्षा के लिए जरूरत पड़ी तो हंसते हुए शहीद हो जाएंगे।
रंगरूटों के परेड की सलामी मेजर जनरल जेएस बैंसला, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मुख्यालय पूर्व यूपी और एमपी सब एरिया ने ली। जनरल ऑफिसर ने आर-241 जीआर बैच के नव युवकों को भारतीय सेना में अग्निवीरों के प्रवेश से पहले अंतिम नियमित बैच के रूप में उल्लेख करते हुए प्रेरित किया।
उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व और युवा सैनिकों को अपनी वर्दी और देश पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि 42 सप्ताह के प्रारंभिक और उन्नत सैन्य प्रशिक्षण के बाद रंगरूटों को अनुशासित सैनिकों में परिवर्तित किया गया।
इन जवानों को किया गया पुरस्कृत
- बेस्ट इन टेक्टीक्स यंग राइफलमैन- विशाल सुनार
- बेस्ट इन ड्रिल यंग राइफलमैन- विशाल राणा
- बेस्ट इन बीपीईटी यंग राइफलमैन- जगदीश गिरी
- बेस्ट इन बेनेट और सूकूरी फाईटिंग यंग राइफलमैन- संजीव थापा
- बेस्ट इन फाइलिंग यंग राइफलमैन- संतोष गाहा
- द्वितीय ऑल राउंड बेस्ट का जनरल एमके लाहिरी मेडल यंग राइफलमैन- बिशो खड़का
- आल राउंड बेस्ट की गौरव तलवार यंग राइफलमैन- अर्जुन प्रसाद खेरल
- बेस्ट इन कॉम्बैक्ट अब्स्टेकल कोर्स यंग राइफलमैन और कपाड़िया ट्रॉफी- पारस शाही