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भारत और नेपाल एक-दूसरे के अच्छे सहयोगी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 16 Jun 2017 02:03 AM IST
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नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने कहा कि भारत के साथ संबंध को मजबूत बनाने के लिए नेपाल सरकार प्रयास कर रही है। भारत से अपने रिश्ते को लेकर नेपाल सरकार काफी संवेदनशील है। इसी उद्देश्य से अगस्त में बीएचयू में भारत-नेपाल साझा सांस्कृतिक महोत्सव कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में बीएचयू कुलपति से बातचीत की गई।
आईएफडब्ल्यूजे के अधिवेशन में गुरुवार को बड़ा लालपुर आए राजदूत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि साझा संस्कृति महोत्सव के माध्यम से दोनों देश एक दूसरे के करीब आएंगे।
कहा कि भारत के साथ नेपाल के रिश्ते को पौराणिक काल से हैं। इसमें वाराणसी का अहम स्थान रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ और पशुपति नाथ के तीर्थ स्थलों को आध्यात्मिक एवं पर्यटन के तौर पर जोड़ने कि जरूरत पर बल दिया। बुद्ध की उपदेशस्थली और जन्मस्थली को भी दोनों देशों के संबंध का आधार बताया। कहा कि नेपाली नागरिक के लिए भारत और भारतीय नागरिक के लिये नेपाल घर जैसा है। भारतीय नागरिकों पर नेपाल में होने वाली आपराधिक घटनाओं के सवाल पर कहा की इस मुद्दे को लेकर दोनों देश बहुत संवेदनशील हैं। नेपाल अतिथि देवो भव: के तर्ज पर अपने यहां अतिथियों के साथ व्यवहार करने को लेकर प्रतिबद्ध है ।
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उन्होंने बरसात के समय में यूपी और बिहार में बाढ़ की स्थितियों से निबटने के लिये भारत सरकार से जल नीति पर गंभीरता से काम करने की अपील की। पिछले कुछ समय से नेपाल-भारत के संबंधों में खटास के सवाल पर कहा की दोनों देश एक-दूसरे के अच्छे सहयोगी हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंध को मजबूत बनाने में मीडिया से सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। स्वच्छ भारत मिशन के बाबत उन्होंने कहा कि नेपाल इस कार्यक्त्रस्म से बहुत प्रभावित है।
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आईएफडब्ल्यूजे के अधिवेशन में गुरुवार को बड़ा लालपुर आए राजदूत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि साझा संस्कृति महोत्सव के माध्यम से दोनों देश एक दूसरे के करीब आएंगे।
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कहा कि भारत के साथ नेपाल के रिश्ते को पौराणिक काल से हैं। इसमें वाराणसी का अहम स्थान रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ और पशुपति नाथ के तीर्थ स्थलों को आध्यात्मिक एवं पर्यटन के तौर पर जोड़ने कि जरूरत पर बल दिया। बुद्ध की उपदेशस्थली और जन्मस्थली को भी दोनों देशों के संबंध का आधार बताया। कहा कि नेपाली नागरिक के लिए भारत और भारतीय नागरिक के लिये नेपाल घर जैसा है। भारतीय नागरिकों पर नेपाल में होने वाली आपराधिक घटनाओं के सवाल पर कहा की इस मुद्दे को लेकर दोनों देश बहुत संवेदनशील हैं। नेपाल अतिथि देवो भव: के तर्ज पर अपने यहां अतिथियों के साथ व्यवहार करने को लेकर प्रतिबद्ध है ।
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उन्होंने बरसात के समय में यूपी और बिहार में बाढ़ की स्थितियों से निबटने के लिये भारत सरकार से जल नीति पर गंभीरता से काम करने की अपील की। पिछले कुछ समय से नेपाल-भारत के संबंधों में खटास के सवाल पर कहा की दोनों देश एक-दूसरे के अच्छे सहयोगी हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंध को मजबूत बनाने में मीडिया से सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। स्वच्छ भारत मिशन के बाबत उन्होंने कहा कि नेपाल इस कार्यक्त्रस्म से बहुत प्रभावित है।