डेंगू को लेकर बढ़ी सतर्कता: पिछले तीन महीने से एक भी मरीज नहीं, गर्मी में ही बना दिया गया 18 बेड का वार्ड
वाराणसी में डेंगू को लेकर सावधानी बरती जा रही है। जिला अस्पताल में 18 बेड वाला वार्ड भी बना दिया गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि मरीजों की जांच करते रहे।
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डेंगू का प्रकोप आमतौर पर बरसात के मौसम में बढ़ता है। पिछले तीन महीने से जिले में डेंगू का एक भी संक्रमित केस नहीं मिला है। बावजूद दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में 18 बेड का अलग डेंगू वार्ड बना दिया गया है। साथ ही यहां स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जुलाई से दिसंबर में डेंगू प्रभावी होता है। शासन स्तर से भी बरसात की शुरूआत होते ही डेंगू वार्ड बनाने, जांच की व्यवस्था करने और साफ-सफाई के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाता है।
गर्मी में होने वाली बीमारियों से प्रभावित लोगों के उपचार के लिए अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड बनवाया जाता है।
गर्मी बढ़ने के बावजूद जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक वार्ड बनाने की जगह न केवल 18 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है बल्कि यहां डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती भी की गई है। यहां मच्छरदानी सहित अन्य संसाधन भी मंगाए लिए गए हैं।
गर्मी में नहीं मिलते हैं मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि डेंगू के मरीज बरसात के मौसम में ही ज्यादा मिलते हैं। इस बीमारी के लिए गर्मी का मौसम ज्यादा प्रभावी नहीं होता है। पिछले कई सालों से जो भी केस मिले हैं, वो जुलाई से दिसंबर तक ही मिले हैं।
बोले अधिकारी
अस्पताल में पिछले दिनों एक मरीज आया था, जिसमें डेंगू के संभावित लक्षण दिखे थे। इसके बाद अलग वार्ड बना दिया है। शासन स्तर से भी वार्ड बनाने को कहा जाता है। सतर्कता के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। - डॉ.ब्रजेश कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल