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बारिश के लिए कितनी तैयार है काशी: 15 जून तक होनी थी नालों की सफाई, अब तक काम अधूरा; आधे शहर का डूबना तय
Fri, 21 Jun 2024 03:51 PM IST
प्रगति चंद
गुंजन श्रीवास्तव, वाराणसी।
गुंजन श्रीवास्तव, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 21 Jun 2024 03:51 PM IST
सार
वाराणसी जिले में नालों की सफाई का काम अभी भी अधूरा है। ऐसे में बारिश में आधे शहर का डूबना तय है। कई वार्डों में जनता जलभराव की समस्या झेलेगी। वहीं आचार संहिता के चलते टेंडर न होना बहाना बनाया जाएगा।
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मड़ौली चौराहे पर हो रही नालों की सफाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हर साल 15 जून तक होने वाली नाला सफाई अब तक अधूरी है। अब नगर निगम ने 30 जून तक सफाई का लक्ष्य रखा है, लेकिन इस बार भी सफाई पूरी होने पर संशय है। समय से बारिश हुई तो शहर का जलमग्न होना तय है। ऐसी स्थिति में निगम के अधिकारियों ने बचने का तरीका खोज लिया है। आचार संहिता के चलते टेंडर न होने का बहाना बनाया जाएगा।
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नाला सफाई की सुस्त चाल कई मोहल्लों में जलभराव का कारण बन सकती है। सही ढंग से नाला सफाई न होने से बारिश में शहर के नाले उफान पर आ जाते हैं। जल निकासी का इंतजाम ठीक न होने से कई मोहल्लों के साथ शहर के मुख्य चौराहे जलमग्न हो जाते हैं।
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आचार संहिता के चलते इस बार नाला सफाई का टेंडर नहीं हो सका। जबकि टेंडर की अनुमति के लिए नगर निगम की ओर से चुनाव आयोग को पत्र भेजा गया था। लेकिन पत्राचार के बाद नगर निगम ने रुचि नहीं दिखाई। चुनाव खत्म होने के बाद दो करोड़ रुपये का टेंडर किया गया।
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मानसून को देखते हुए आनन फानन में अधिकारियों ने नाला सफाई का निरीक्षण शुरू कर दिया है ताकि बचने का रास्ता निकल सके। शहर के पांच स्मार्ट वार्डों में भी सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है।
आए दिन किसी न किसी गली में सीवर बह रहा है। यही नहीं जनसुनवाई में भी सबसे अधिक सीवर और पेयजल की ही शिकायतें आ रही हैं। नाला सफाई के मामले में मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन बोलने से बच रहे हैं। उधर नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने 30 जून तक नाला सफाई का समय सामान्य विभाग को दिया है।
आए दिन किसी न किसी गली में सीवर बह रहा है। यही नहीं जनसुनवाई में भी सबसे अधिक सीवर और पेयजल की ही शिकायतें आ रही हैं। नाला सफाई के मामले में मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन बोलने से बच रहे हैं। उधर नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने 30 जून तक नाला सफाई का समय सामान्य विभाग को दिया है।
बिना अतिक्रमण हटाए कैसे होंगे नाला साफ
शहर के अंदर बने अधिकतर नाले अतिक्रमण की चपेट में है। जिन के अंदर सफाई हो पाना बड़ा मुश्किल है। नालों के ऊपर किसी ने पक्का अतिक्रमण तो किसी ने सामान रखकर अतिक्रमण कर रखा है। नगर निगम का दावा है कि नालों की सफाई हो रही है। लेकिन जिन स्थानों पर निगम ने सफाई की है। उन नालों को ऊपर से कोई अतिक्रमण नहीं हटा है। अतिक्रमण न हटने के कारण निगम ने खानापूरी करके आधे अधूरे नाले की सफाई कर दी।
एक नजर में आंकड़ें
क्या बोले अधिकारी
शहर के सभी नालों की सफाई के लिए 30 जून तक का समय सामान्य विभाग को दिया गया है। बेहतर ढंग से सफाई कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। - अशोक कुमार तिवारी, मेयर, नगर निगम
एक नजर में आंकड़ें
- 118 बड़े नाले
- 191 छोटे नाले
- 125 किमी बड़े नालों की लंबाई
- 163 छोटे नालों की लंबाई
क्या बोले अधिकारी
शहर के सभी नालों की सफाई के लिए 30 जून तक का समय सामान्य विभाग को दिया गया है। बेहतर ढंग से सफाई कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। - अशोक कुमार तिवारी, मेयर, नगर निगम