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बनारस के दर्जनभर दुकानों पर आयकर सर्वे, कारोबारियों में हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:40 AM IST
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वाराणसी शहर के करीब दर्जन भर कपड़ा और किताब के कारोबारियों के यहां मंगलवार को आयकर विभाग की टीम ने सर्वे किया। शाम करीब तीन बजे से लक्सा, सुंदरपुर, महमूरगंज आदि जगहों पर सर्वे की कार्रवाई की गई। देर रात तक आयकर अधिकारी कागजात और कंप्यूटर की जांच करते रहे।
अपर आयकर आयुक्त अभय ठाकुर के अगुवाई में आयकर अधिकारियों की टीम शाम तीन बजे लक्सा, गुरुबाग स्थित कापी-किताब की दुकानों और सुंदरपुर स्थित एक रेडीमेड कपड़े के शोरूम पर पहुंची।
अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों के गेट बंद कर जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से लंबे समय से कर का भुगतान नहीं करने वाले कारोबारी दहशत में रहे। गुरुबाग स्थित जिस पुस्तक कारोबारी के यहां टीम पहुंची, उस पर एनसीईआरटी की किताब महंगे दाम पर बेचने की शिकायत थी। इसके अलावा स्कूली ड्रेस बेचने वाले शोरूम पर भी कागजातों, कंप्यूटर के हार्ड डिस्क खंगाले गए।
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अपर आयकर आयुक्त अभय ठाकुर के अगुवाई में आयकर अधिकारियों की टीम शाम तीन बजे लक्सा, गुरुबाग स्थित कापी-किताब की दुकानों और सुंदरपुर स्थित एक रेडीमेड कपड़े के शोरूम पर पहुंची।
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अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों के गेट बंद कर जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से लंबे समय से कर का भुगतान नहीं करने वाले कारोबारी दहशत में रहे। गुरुबाग स्थित जिस पुस्तक कारोबारी के यहां टीम पहुंची, उस पर एनसीईआरटी की किताब महंगे दाम पर बेचने की शिकायत थी। इसके अलावा स्कूली ड्रेस बेचने वाले शोरूम पर भी कागजातों, कंप्यूटर के हार्ड डिस्क खंगाले गए।
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आयकर सर्वे में कागजों में हेराफेरी सामने आई
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इस वित्तीय वर्ष में कर चोरी करने वालों के खिलाफ आयकर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। बनारस समेत आसपास के जिलों के करीब दर्जन भर ऐसे कारोबारियों की सूची तैयार कराई गई है, जो लंबे समय से कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
मंगलवार को स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी के कारोबारियों के यहां सर्वे की कार्रवाई को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। सर्वे खत्म होने पर करोड़ों रुपये की कर चोरी का पता लगने का अनुमान है।
इस समय स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अभिभावक बच्चों की कॉपी-किताब और ड्रेस की खरीददारी करने में लगे हैं। दुकानों पर कॉपी-किताब और ड्रेस हर साल महंगे हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिन प्रतिष्ठानों पर मंगलवार को सर्वे किया गया, इनके यहां शहर के अंग्रेजी माध्यम के कई स्कूलों की किताब से लेकर ड्रेस तक की बिक्री होती है।
सर्वे की जद में आए प्रतिष्ठानों और संबंधित स्कूलों से कक्षावार दो से ढाई गुना कमीशन तय है। कुछ स्कूलों की कॉपी-किताबें और ड्रेस सिर्फ इन्हीं दुकानों पर मिलते हैं। सरकारी आदेश का इन प्रतिष्ठानों पर कोई असर नहीं पड़ता है। इस कार्रवाई से जिले भर के स्टेशनरी और ड्रेस मैटेरियल विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
मंगलवार को स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी के कारोबारियों के यहां सर्वे की कार्रवाई को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। सर्वे खत्म होने पर करोड़ों रुपये की कर चोरी का पता लगने का अनुमान है।
इस समय स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अभिभावक बच्चों की कॉपी-किताब और ड्रेस की खरीददारी करने में लगे हैं। दुकानों पर कॉपी-किताब और ड्रेस हर साल महंगे हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिन प्रतिष्ठानों पर मंगलवार को सर्वे किया गया, इनके यहां शहर के अंग्रेजी माध्यम के कई स्कूलों की किताब से लेकर ड्रेस तक की बिक्री होती है।
सर्वे की जद में आए प्रतिष्ठानों और संबंधित स्कूलों से कक्षावार दो से ढाई गुना कमीशन तय है। कुछ स्कूलों की कॉपी-किताबें और ड्रेस सिर्फ इन्हीं दुकानों पर मिलते हैं। सरकारी आदेश का इन प्रतिष्ठानों पर कोई असर नहीं पड़ता है। इस कार्रवाई से जिले भर के स्टेशनरी और ड्रेस मैटेरियल विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।