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Varanasi News: 4.8 डिग्री तापमान में गंगा के तट पर उमड़े आस्थावान
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कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां
कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी पड़ी। 4.8 डिग्री तापमान में भी आस्थावानों की भीड़ गंगा के तट पर उमड़ी। दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती में श्रद्धालुओं की भीड़ सुर से सुर मिला रही थी। गंगा के तट से लेकर ऊपरी सीढ़ियों तक पैर रखने की जगह नहीं बची थी। आरती संपन्न होने तक आस्थावान डटे रहे।
बृहस्पतिवार की शाम छह बजे से होने वाली गंगा सेवा निधि की आरती में उमड़ी भीड़ उत्सव का आभास करा रही थी। सात वार, नौ त्योहार वाली काशी में तो हर दिन जैसे त्योहार होते हैं, लेकिन ठंड और कोहरे के बीच भी आस्थावानों की आस्था कम नहीं हुई।कड़ाके की ठंड में मां गंगा आरती में शामिल होने के लिए आस्थावान दिन में तीन बजे से ही घाट पर पहुंचने लगे थे। पांच बजे तक तो घाट की सीढ़ियाँ श्रद्धालुओं से भर चुकी थीं। हर कोई बस गंगा आरती के मंच की ओर एकटक देख रहा था।
मां गंगा के पूजन के साथ आरती का सिलसिला शुरू हुआ और 45 मिनट तक श्रद्धालु हर मंत्र और प्रक्रिया के साथ खुद को जोड़ते रहे। कोई मंत्रों को दोहरा रहा था, तो कोई आरती के साथ तालियाँ बजा रहा था। कोहरे से ढंकी मां गंगा के आंचल में भी नाव पर बैठकर आरती देखने वालों की भारी भीड़ रही।
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बृहस्पतिवार की शाम छह बजे से होने वाली गंगा सेवा निधि की आरती में उमड़ी भीड़ उत्सव का आभास करा रही थी। सात वार, नौ त्योहार वाली काशी में तो हर दिन जैसे त्योहार होते हैं, लेकिन ठंड और कोहरे के बीच भी आस्थावानों की आस्था कम नहीं हुई।कड़ाके की ठंड में मां गंगा आरती में शामिल होने के लिए आस्थावान दिन में तीन बजे से ही घाट पर पहुंचने लगे थे। पांच बजे तक तो घाट की सीढ़ियाँ श्रद्धालुओं से भर चुकी थीं। हर कोई बस गंगा आरती के मंच की ओर एकटक देख रहा था।
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मां गंगा के पूजन के साथ आरती का सिलसिला शुरू हुआ और 45 मिनट तक श्रद्धालु हर मंत्र और प्रक्रिया के साथ खुद को जोड़ते रहे। कोई मंत्रों को दोहरा रहा था, तो कोई आरती के साथ तालियाँ बजा रहा था। कोहरे से ढंकी मां गंगा के आंचल में भी नाव पर बैठकर आरती देखने वालों की भारी भीड़ रही।

कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां
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