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नक्सल प्रभावित इलाकों में दौड़ेगी इग्नू की वैन
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 27 Oct 2015 02:19 AM IST
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की सम कुलपति प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि ‘जहां न पहुंचे जुगनू, वहीं पहुंचे इग्नू’ की तर्ज पर काम करते हुए इग्नू नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और सुदूर इलाकों में शिक्षा का प्रसार कर रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इग्नू ने मोबाइल वैन
सेवा शुरू की है। ऐसे क्षेत्र जहां इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय नहीं खोले जा सकते हैं, वहां इग्नू के मोबाइल वैन (स्टडी सेंटर) पहुंचती हैं। ये मोबाइल स्टडी सेंटर इच्छुक अभ्यर्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने की सुविधा देने के साथ ही उन्हें स्टडी मैटेरियल भी उपलब्ध कराते हैं।
सोमवार को इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंची प्रो. सुषमा यादव ने प्रेसवार्ता कर ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इग्नू में लगातार छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान सत्र में 30 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश
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शिक्षा के मामले में अब भी पिछड़ा हुआ है और जब तक यहां शैक्षणिक विकास नहीं होगा तब तक यहां का सामाजिक और आर्थिक विकास नहीं होगा। शिक्षा के इसी पिछड़ेपन को दूर करने के लिए इग्नू ने सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपना प्रसार बढ़ाया है। उनका दावा है कि इग्नू
का स्टडी मैटेरियल टेक्स्टबुक से भी बेहतर है। हर साल इग्नू में प्लेसमेंट का भी प्रतिशत बढ़ रहा है। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एएन त्रिपाठी ने बताया कि जुलाई 2015 के सत्र में 5140 नए विद्यार्थियों ने इग्नू में प्रवेश लिया है जो कि पिछले सत्र के मुकाबले पचास प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि इग्नू के जनवरी 2016 सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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सेवा शुरू की है। ऐसे क्षेत्र जहां इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय नहीं खोले जा सकते हैं, वहां इग्नू के मोबाइल वैन (स्टडी सेंटर) पहुंचती हैं। ये मोबाइल स्टडी सेंटर इच्छुक अभ्यर्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने की सुविधा देने के साथ ही उन्हें स्टडी मैटेरियल भी उपलब्ध कराते हैं।
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सोमवार को इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंची प्रो. सुषमा यादव ने प्रेसवार्ता कर ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इग्नू में लगातार छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान सत्र में 30 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश
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शिक्षा के मामले में अब भी पिछड़ा हुआ है और जब तक यहां शैक्षणिक विकास नहीं होगा तब तक यहां का सामाजिक और आर्थिक विकास नहीं होगा। शिक्षा के इसी पिछड़ेपन को दूर करने के लिए इग्नू ने सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपना प्रसार बढ़ाया है। उनका दावा है कि इग्नू
का स्टडी मैटेरियल टेक्स्टबुक से भी बेहतर है। हर साल इग्नू में प्लेसमेंट का भी प्रतिशत बढ़ रहा है। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एएन त्रिपाठी ने बताया कि जुलाई 2015 के सत्र में 5140 नए विद्यार्थियों ने इग्नू में प्रवेश लिया है जो कि पिछले सत्र के मुकाबले पचास प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि इग्नू के जनवरी 2016 सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।