Varanasi News: इम्तियाज अहमद ने सिला था संघ प्रमुख का कुर्ता, सिर्फ फोटो देख ले लिया नाप; मिला सम्मान
अक्षय कन्यादान महोत्सव में मोहन भागवत ने कुर्ता और धोती पहनी थी, जिसे बजरडीहा के इम्तियाज ने बनाई थी। खास यह है कि इंम्तियाज ने सिर्फ फोटो देखकर संघ प्रमुख के कपड़ों का नाप ले लिया था।
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अक्षय तृतीया पर काशी में आयोजित अक्षय कन्यादान महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने जो कुर्ता पहनकर कन्यादान किया था, वो कुर्ता बजरडीहा के इम्तियाज अहमद ने सिला था।
शुक्रवार को आरएसएस पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. वीरेंद्र जायसवाल के खोजवां स्थित आवास पर इम्तियाज को सम्मानित किया गया। क्षेत्र कार्यवाह ने बताया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कन्यादान के दौरान पीली धोती, पीला गमछा और रेशमी कुर्ता पहना था। उस रेशमी कुर्ते को बजरडीहा के इम्तियाज ने सिर्फ उनकी फोटो देखकर सिला था। कुर्ता उन्हें एकदम सही आया।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय समाज में सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं और सनातन मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कार्यक्रम में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा, प्रोफेसर रामनारायण त्रिवेदी, डॉ. कमलेश झा आदि मौजूद रहे।
पीली धोती और सफेद कुर्ता
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित अक्षय कन्यादान महोत्सव 2025 में वैवाहिक संस्कार को पूर्ण कराने वाले सभी विद्वान आचार्यों का भव्य सम्मान हुआ।
खोजवा स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. वीरेंद्र जायसवाल के आवास पर 80 से अधिक आचार्यों को अंगवस्त्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, वेद परंपरा और वैवाहिक संस्कारों में आचार्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय समाज में सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं और सनातन मूल्यों की रक्षा में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं। कार्यक्रम में आचार्य उदय भारती, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा, प्रोफेसर रामनारायण त्रिवेदी, डॉ. कमलेश झा सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों का सम्मान हुआ। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, श्रद्धा और सम्मान से ओत-प्रोत रहा।
इनका हुआ सम्मान: आचार्य उदय भारती को, डॉ. वीरेंद्र जायसवाल, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, प्रो. रामनारायण द्विवेदी, डॉ. कमलेश झा आदि।