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IMS BHU: बीएचयू की टीम के अध्ययन से मुख कैंसर के उपचार की राह होगी आसान, विशेषज्ञों ने बताई बीमारी की वजह
Sat, 27 Dec 2025 05:20 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 27 Dec 2025 05:20 PM IST
सार
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू की टीम के अध्ययन से मुख कैंसर के उपचार की राह आसान होगी। यह रिसर्च जर्नल म्यूटेशन रिसर्च/रिव्यूज इन म्यूटेशन रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock Images
विस्तार
आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल आंकोलांजी विभाग के प्रो. मनोज कुमार पांडेय के निर्देशन में एक ऐसा अध्ययन हुआ है, जिसमें मुंह के कैंसर के उपचार की सही जानकारी मिलेगी। विशेषज्ञों ने एक टारगेट प्रेसिजन थेरेपी के बारे में भी बताया है। यह रिसर्च जर्नल म्यूटेशन रिसर्च/रिव्यूज इन म्यूटेशन रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
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प्रो. मनोज कुमार पांडेय के अनुसार, इस अध्ययन से पता लगाना आसान हो जाएगा कि मुख के कैंसर के मरीजों के जो भी कारण है, उसका किस तरह उपचार होगा। बताया कि अध्ययन में 8,000 वैज्ञानिक लेखों और जीनोमिक डेटा की समीक्षा और विश्लेषण किया गया है। इसमें मुख कैंसर के दुनिया के पहले व्यवस्थित आणविक वर्गीकरण का प्रस्ताव दिया है, जो पारंपरिक निदान विधियों से कहीं आगे है।
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बताया कि मुख कैंसर एक विनाशकारी बीमारी है जिसकी दर बहुत अधिक है। यह मुख्य रूप से तंबाकू और सुपारी के सेवन से जुड़ी है। पारंपरिक रूप से, इसका उपचार एक ही तरीका सबके लिए रहा है। जिससे परिणाम अलग-अलग मिलते हैं।
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यह नया शोध मुख कैंसर को चलाने वाले पांच अलग-अलग आणविक मार्गों की पहचान करता है, जो व्यक्तिगत चिकित्सा (पर्सनलाइज्ड थेरेपी) के लिए एक सटीक रोडमैप प्रदान करता है। शोध टीम में प्रो. मनोज पांडेय के साथ ही डॉ. रूही दीक्षित, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. मोनिका राजपूत और डॉ. मृदुला शुक्ला शामिल हैं।