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IMS BHU: प्रोस्टेट कैंसर बढ़ाने वाले कारकों का पता लगाएंगे आईएमएस के डॉक्टर, शुरू किया अध्ययन
Fri, 20 Sep 2024 09:32 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 20 Sep 2024 09:32 AM IST
सार
आईएमएस बीएचयू के डॉक्टर प्रोस्टेट कैंसर बढ़ाने वाले कारकों का पता लगाएंगे। यूरोलॉजी विभाग के प्रो. समीर त्रिवेदी और डाॅ. यशस्वी ने अध्ययन शुरू किया। वहीं माइक्रो बायोलॉजी के प्रोफेसर भी टीम में शामिल हैं।
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डॉक्टर यशस्वी सिंह व प्रो. समीर त्रिवेदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईएमएस बीएचयू के यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक प्रोस्टेट कैंसर को बढ़ावा देने वाले कारकों का पता लगाने में जुट गए हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. समीर त्रिवेदी और डॉ. यशस्वी का मानना है कि प्रोस्टेट कैंसर के प्रबंधन में माइक्रो आरएनए की अहम भूमिका होती है। निश्चित तौर पर इससे संबंधित मरीज को सर्जरी से पहले की जांच की जटिल प्रक्रियाओं से भी थोड़ी राहत होगी।
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प्रो. समीर त्रिवेदी ने बताया कि करीब 250 मरीजों के उपचार को लेकर अध्ययन किया गया। इसमें थूलियम फाइबर लेजर विधि से यूरेट्रिक स्टोन सहित अन्य यूरोलॉजिकल सर्जरी को मरीजों के लिए उपयोगी बताया गया है। इस विधि से स्टोन की सर्जरी में 15 से 20 मिनट का समय लगता है।
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डॉ. यशस्वी का कहना है कि प्रोस्टेट कैंसर के लिए गंभीर कारक बनने वाले माइक्रो आरएनए की खोज की जा रही है। इसमें आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी के प्रो. राजेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। डॉ. सिंह का कहना है कि यह अनुसंधान पूर्वांचल और उत्तर भारत में अपनी तरह का पहला है। इसके पूरा होने पर इसका लाभ प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों को मिलेगा।
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इंडोनेशिया में आयोजित सम्मेलन में दी जानकारी
यूरोलॉजिकल एसोसिएशन ऑफ एशिया के 21वें वार्षिक सम्मेलन में बीएचयू के यूरोलॉजी विभाग की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष प्रो. समीर त्रिवेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. यशस्वी सिंह ने 5 से 8 सितंबर तक इंडोनेशिया में आयोजित कांग्रेस में भी अपने अध्ययन के बारे में विस्तार से चर्चा की।