वाराणसी: रोपवे पर 31 जनवरी तक हो सकता है अहम फैसला, वीडीए खोलेगा निविदा, कमिश्नरी बिल्डिंग पर 14 फरवरी को निर्णय
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वाराणसी में रोपवे संचालन की दिशा में इस महीने अहम फैसला होने की संभावना है। साथ ही कमिश्नरी में शिव के डमरू के आकार की बनने वाली बिल्डिंग के बारे में अगले महीने कुछ निर्णय लिया जा सकता है। विकास प्राधिकरण की ओर से रोपवे संचालन के लिए तैयार निविदा 31 जनवरी को खोली जाएगी जबकि कमिश्नरी में बनने वाली बिल्डिंग के लिए 14 फरवरी को निविदा खुलने के बाद ही कुछ निर्णय के आसार हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चुनाव बाद ही होगा।
काशी में करीब 410 करोड़ रुपये से रोपवे संचालन की योजना है। अलग-अलग जगहों पर स्टेशन बनाए जाएंगे। 220 ट्राली का प्रयोग किया जाएगा। दो साल में रोपवे संचालन की योजना को पूरा करने लक्ष्य रखा गया है। 80 हजार यात्रियों को हर दिन जाम से मुक्ति दिलाते हुए काशी विश्वनाथ धाम, गंगा घाट तक पहुंचाया जाएगा।
फिलहाल जो योजना बनाई गई है, उससे रोपवे से कैंट रेलवे स्टेशन से काशी विश्वनाथ धाम को भी जोड़ा जाएगा। उधर, कमिश्नरी सभागार में 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 19 मंजिला सिग्नेचर बिल्डिंग के बनने के बाद कमिश्नरी में कार्यालय का दायरा बढ़ने के साथ ही कामकाज में भी आसानी होगी।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि रोपवे की निविदा 31 जनवरी और कमिश्नरी बिल्डिंग का टेंडर 14 फरवरी को खोला जाएगा। इन टेंडर पर निर्णय आचार संहिता समाप्त होने के बाद किया जाएगा।
स्ट्रक्चरल डिजाइन से मिल सकती है राहत
नक्शा पास कराने के लिए आवेदक को स्ट्रक्चरल डिजाइन शुरू में ही जमा करनी पड़ती है। अन्य विभागों की अनापत्ति के दौरान कई बार मानचित्र बदलना पड़ता है। ऐसा करने पर स्ट्रक्चरल डिजाइन का भी अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। शासन स्तर पर इसमें बदलाव पर मंथन किया जा रहा है। इसमें नक्शा पास कराने के बाद स्ट्रक्चरल डिजाइन जमा करने की व्यवस्था जल्द ही लागू हो सकती है।
आपत्तियां और सुझाव का आकलन
शहर के विकास के लिए बनाई जा रही महायोजना के ड्राफ्ट पर लगातार आपत्तियां और सुझाव आ रहे हैं। 15 दिन में गुरुवार तक 54 आपत्तियां व सुझाव वीडीए पहुंचे हैं। इसमें रिंग रोड पर सुविधाओं से लेकर आवासीय नीति के सुझाव भी शामिल हैं।