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सामाजिक मुद्दों से जुड़ रहे आईआईटियंस
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Updated Mon, 26 Jan 2015 02:19 AM IST
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आईआईटी बीएचयू अब तकनीकी ज्ञान के साथ ही सामाजिक मुद्दों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। गरीबों को शिक्षा देने की बात हो या पर्यावरण संरक्षण की, आईआईटी बीएचयू इन मसलों पर अपनी भूमिका निभा रहा है। संस्थान के नए पाठ्यक्रम के अलावा यहां होने वाले आयोजन इसके सबूत हैं।
शायद इसीलिए, अगले महीने आईआईटी में होने वाले यूथ फेस्ट काशी यात्रा और टेक्नो मैनेजमेंट फेस्टिवल में सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी छात्र-छात्राएं कर रहे हैं। यूथ फेस्ट में देश भर के आईआईटियंस शिरकत करेंगे।
आईआईटी जैसे संस्थान में बदलाव की यह बयार भावी इंजीनियराें को संवेदनशील बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल है। 27 फरवरी से शुरू हो रहे टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट में भी ऐसे कई कार्यक्रम होंगे, जिनमें आईआईटी के छात्र-छात्राओं की सामाजिक समस्याओं से जुड़ीं चिंताएं झलकेंगी।
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इसमें रोबोटिक्स, क्रिएटिक्स, एक्ट्रीम इंजीनियरिंग, ब्रिज डिजाइन चैलेंज जैसे इवेंट्स में विद्यार्थी जहां अपने तकनीकी ज्ञान का परिचय देंगे, वहीं ‘पहल’ नामक प्रस्तुतियों के जरिये यह भी बताएंगे कि सौर्य ऊर्जा और शुद्ध पेयजल कैसे हर व्यक्ति को मिले। ऐसे ही 13 से 15 फरवरी के बीच होने वाले ‘काशी यात्रा-15’ में भी ‘अभिनय’, ‘तूलिका’ ‘नटराज’ जैसे इवेंट्स में शिक्षा, पर्यावरण, नारी सशक्तीकरण जैसे मुद्दों पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। मालूम हो कि आईआईटी के छात्र-छात्राओं की संस्था काशी यात्रा की ओर से पिछले दिनों कैंपस को पॉलीथिन फ्री बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया था।
गरीब बच्चों को कर रहे शिक्षित
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के छात्र अपनी संस्था ‘उत्कर्ष’ के तहत गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का भी काम कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए भी छात्र-छात्राओं ने ‘ग्रीन एक्स’ नामक अपना फोरम बना रखा है। एक शीतल पेय कंपनी द्वारा जलदोहन के विरोध में पिछले कई वर्षों से आईआईटी के छात्र काम भी कर रहे हैं। वहीं, संस्थान में पिछले सत्र से पाठ्यक्रम में मानविकी विषयों को भी शामिल किया गया है। डेवलपमेंट स्टडीज विषयों के जरिये भी यहां के विद्यार्थी सामाजिक मुद्दों से जुड़ रहे हैं।
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शायद इसीलिए, अगले महीने आईआईटी में होने वाले यूथ फेस्ट काशी यात्रा और टेक्नो मैनेजमेंट फेस्टिवल में सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी छात्र-छात्राएं कर रहे हैं। यूथ फेस्ट में देश भर के आईआईटियंस शिरकत करेंगे।
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आईआईटी जैसे संस्थान में बदलाव की यह बयार भावी इंजीनियराें को संवेदनशील बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल है। 27 फरवरी से शुरू हो रहे टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट में भी ऐसे कई कार्यक्रम होंगे, जिनमें आईआईटी के छात्र-छात्राओं की सामाजिक समस्याओं से जुड़ीं चिंताएं झलकेंगी।
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इसमें रोबोटिक्स, क्रिएटिक्स, एक्ट्रीम इंजीनियरिंग, ब्रिज डिजाइन चैलेंज जैसे इवेंट्स में विद्यार्थी जहां अपने तकनीकी ज्ञान का परिचय देंगे, वहीं ‘पहल’ नामक प्रस्तुतियों के जरिये यह भी बताएंगे कि सौर्य ऊर्जा और शुद्ध पेयजल कैसे हर व्यक्ति को मिले। ऐसे ही 13 से 15 फरवरी के बीच होने वाले ‘काशी यात्रा-15’ में भी ‘अभिनय’, ‘तूलिका’ ‘नटराज’ जैसे इवेंट्स में शिक्षा, पर्यावरण, नारी सशक्तीकरण जैसे मुद्दों पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। मालूम हो कि आईआईटी के छात्र-छात्राओं की संस्था काशी यात्रा की ओर से पिछले दिनों कैंपस को पॉलीथिन फ्री बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया था।
गरीब बच्चों को कर रहे शिक्षित
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के छात्र अपनी संस्था ‘उत्कर्ष’ के तहत गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का भी काम कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए भी छात्र-छात्राओं ने ‘ग्रीन एक्स’ नामक अपना फोरम बना रखा है। एक शीतल पेय कंपनी द्वारा जलदोहन के विरोध में पिछले कई वर्षों से आईआईटी के छात्र काम भी कर रहे हैं। वहीं, संस्थान में पिछले सत्र से पाठ्यक्रम में मानविकी विषयों को भी शामिल किया गया है। डेवलपमेंट स्टडीज विषयों के जरिये भी यहां के विद्यार्थी सामाजिक मुद्दों से जुड़ रहे हैं।