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एमओयू: आईआईटी बीएचयू और जर्मनी की यूनिवर्सिटी में बढ़ा करार, अब कई विषयों में साथ होगी ग्लोबल रिसर्च

Thu, 08 Oct 2026 02:51 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 08 Oct 2026 02:51 PM IST
सार

आईआईटी बीएचयू अब जर्मन यूनिवर्सिटी के साथ कई विषयों पर रिसर्च करेगा। इसे लेकर दोनों विभागों के बीच एमओयू हुआ। समझौते के तहत अब कई विभागों के बीच एक साथ रिसर्च होंगे। 

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IIT BHU to conduct research on various subjects with German university in Varanasi
IIT BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कई विभागों और विषयों में एक साथ रिसर्च और खोज के लिए आईआईटी बीएचयू ने जर्मनी के बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल के साथ समझौता किया। बुधवार को संस्थागत स्तर पर एमओयू हुआ, जबकि इससे पहले दोनों संस्थानों के बीच विभागीय सहयोग यानी कि सिविल इंजीनियरिंग विभागों के बीच शुरू हो चुका था। 

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स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ एकेडमिक एंड रिसर्च कोलैबोरेशन (स्पार्क) के अंतर्गत शैक्षणिक और शोध गतिविधियों की सफलता के बाद दोनों संस्थानों ने सहयोग को बड़ा और वैश्विक स्वरूप देने का फैसला लिया। समझौते के तहत अब कई विभागों के बीच एक साथ रिसर्च होंगे। दोनों संस्थानों के प्रोफेसर और छात्र एक-दूसरे के कैंपस और लैब का दौरा करेंगे। 
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क्लासरूम, शिक्षा और एकेडमिक गतिविधियों के अलावा बहुविषयक शोध को बढ़ावा मिलेगा। इससे सिविल के साथ-साथ इंजीनियरिंग और विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग के नए मौके सामने आएंगे। एमओयू का आदान-प्रदान आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा की मौजूदगी में किया गया। 

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निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि विभागीय स्तर पर शुरू हुआ यह सहयोग अब संस्थागत स्तर तक पहुंचा है, जिससे कई विषयों में एक साथ रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी होंगे। स्पार्क जियांट इंटरनेशनल वर्कशॉप ऑन पेवमेंट स्कैनिंग टेक्नोलॉजी के दौरान कार्यक्रम हुआ। 

जर्मनी से आए प्रो. पाहिरंगन शिवापाथम के साथ बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल के 11 विद्यार्थियों का दल भी उपस्थित रहा। कार्यशाला में सड़क और पेवमेंट की आधुनिक जांच तकनीकों पर व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) और ट्रैफिक स्पीड डिफ्लेक्टोमीटर (टीएसडी) जैसी हाईटेक तकनीक से काम किया जा रहा है। 

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