IIT BHU: बीएचयू में दीवार बनाने पर दिग्गजों की प्रतिक्रिया, बोले- 'बंटवारा नहीं, सुरक्षा घेरा मजबूत बनाएं'
बीएचयू जैसी संस्था में परिसर के भीतर दीवार बनवाने जैसे फैसले का कोई औचित्य समझ नहीं आता है। मेरे कुलपति के कार्यकाल में भी बात उठी थी। कैंपस में सुरक्षा का विकल्प दीवार चलाना थोड़े है। इसके लिए और भी कई ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
विस्तार
बीएचयू में दीवार बनाने पर तमाम दिग्गजों ने प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि दिल की सुनें। दीवार से काम नहीं चलेगा। सुरक्षा घेरा मजबूत बनाना होगा। महामना मदन मोहन मालवीय ने इस बगिया को अच्छी सोच के साथ सींचा था। बंटवारा से काम नहीं चलेगा।
बीएचयू जैसी संस्था में परिसर के भीतर दीवार बनवाने जैसे फैसले का कोई औचित्य समझ नहीं आता है। मेरे कुलपति के कार्यकाल में भी बात उठी थी। कैंपस में सुरक्षा का विकल्प दीवार चलाना थोड़े है। इसके लिए और भी कई ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। -प्रो. पंजाब सिंह, पूर्व कुलपति, बीएचयू
आईआईटी बीएचयू परिसर में बैरीकेडिंग, नाइट पेट्रोलिंग करने, समय-समय पर परिसर में अभियान चलाकर बाहरियों से पूछताछ करने जैसी कार्रवाई करने की जरूरत है। -प्रो. बीएन राय, पूर्व छात्र अधिष्ठाता, आईआईटी बीएचयू
महामना मालवीय जी ने एक परिवार की तरह विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। आईआईटी को पहले ही अलग कर गलत किया गया। दीवार चलवाकर घटनाएं रुक जाएंगी क्या। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करना चाहिए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों की संख्या लंबी है, लेकिन कुछ होता ही नहीं है। - अनिल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष, बीएचयू छात्रसंघ
यह महामना की आत्मा पर दीवार बनवाने जैसा होगा। आईआईटी जब बीएचयू का हिस्सा नहीं रहा तो इसके लिए मिले दान की भूमि पर उसका कोई अधिकार भी नहीं है। यहां दीवार किसी कीमत पर नहीं बनने दी जाएगी। -डॉ. अरविंद कुमार शुक्ल, पूर्व उपाध्यक्ष, बीएचयू छात्रसंघपूर्व में
राहुल गांधी व अजय राय का प्रतीकात्मक पुतला फूंका
विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने परिसर में ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर नाराजगी जताई। इकाई के मंत्री पुनीत मिश्र ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अनर्गल बयान देकर ओछी राजनीति की है।
दीवार बनवाने का फैसला हास्यास्पद - एबीवीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की दोपहर केंद्रीय कार्यालय पर हल्ला बोल दिया। बीएचयू इकाई के अध्यक्ष अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करके परिसर में बंटवारे की दीवार चलाने का प्रस्ताव वापस लेने की मांग रखी। अध्यक्ष ने कहा कि आईआईटी और बीएचयू परिसर में छात्राओं की सुरक्षा पर जोर देने के बजाय दीवार बनवाने का फैसला हास्यास्पद है। ऐसा करना कहीं से भी उचित नहीं है। परिषद किसी भी कीमत पर विभाजन के प्रस्ताव को अमल में नहीं आने देगा।
परिसर में नहीं बनने देंगे बाउंड्रीवाल: आईसा, बीसीएम
आईसा, भगत सिंह छात्र मोर्चा, दिशा, समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने घटना पर नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि कैंपस का विभाजन करना और पुलिस छावनी में तब्दील करने का पुरजोर विरोध होगा। दीवार खड़ाकर ऐसी घटनाओं को रोका नहीं जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों ने दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग रखी। बिना प्रतिबंध लगाए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जानी चाहिए।
एनएसयूआई ने सड़क जाम कर फूंका कुलपति का पुतला
आईआईटी बीएचयू और बीएचयू परिसर के बीच में दीवार बनाने के प्रस्ताव का एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है। छात्रसंघ भवन के सामने सड़क जाम कर कार्यकर्ताओं ने कुलपति प्रो. सुधीर जैन का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर विभाजन का फैसला वापस लेने की मांग रखी। एनएसयूआई बीएचयू इकाई की प्रज्ञा तिवारी, साक्षी उपाध्याय ने कहा कि पीड़ित छात्रा को न्याय देने की जगह कुछ लोगों ने अपना स्वार्थ साधने और अपनी विफलता पर पर्दा डालने के लिए दीवार खड़ी करने का फैसला लिया है। यह महामना के पुण्यभूमि के विभाजन की साजिश है। इस दौरान नेहा, राजीव नयन, सुमन, शंभू, रिशांक शर्मा, जंग बहादुर आदि मौजूद रहे।
बिरला चौराहे पर रास्ता जाम
दीवार बनाने के प्रस्ताव के विरोध में बिरला हॉस्टल चौराहे के सामने छात्रों ने शुक्रवार की शाम रास्ता जाम कर धरना शुरू कर दिया। छात्रों ने प्रस्ताव वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि महामना की बगिया में इस तरह का फैसला लेना ठीक नहीं है। देर शाम तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
सिंह द्वार पर धरने पर बैठी छात्राएं
बीएचयू सिंह द्वार पर शुक्रवार की शाम छात्राएं धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि आईआईटी छात्रा के साथ घटी घटना के मामले में इंसाफ मिलना चाहिए। इसकी जगह परिसर में दीवार बनवाने का फैसला गलत है। यह घटना को दबाने साजिश है। बीएचयू परिसर का विभाजन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला महाविद्यालय की कुछ छात्राएं भी धरने में शामिल होने के लिए बाहर आना चाह रही थीं, लेकिन उनको अंदर ही रहने को कहा गया। इसे लेकर उनकी नोकझोंक भी हुई।
1:30 बजे टोका था, 2:46 बजे पुलिस को सूचना मिली
पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस छात्रा के साथ छेड़खानी और अभद्रता हुई, उसे और उसके दोस्त को कर्मन बाबा मंदिर की ओर टहलते देख रात 1:30 बजे आईआईटी-बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों ने टोका था। कहा था कि सुनसान जगह से आप लोग अपने हॉस्टल की ओर चले जाएं। रात 2:46 बजे लंका थाने की पुलिस को छात्रा के साथ छेड़खानी और अभद्रता की सूचना मिली। सूचना के आधार पर 3 बजे बीएचयू चौकी इंचार्ज और 3:20 बजे लंका थानाध्यक्ष आईआईटी बीएचयू परिसर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर घटना की जानकारी ली। सुबह लगभग छह बजे के बाद आईआईटी बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से छात्रा की तहरीर मिली तो लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इतने लोगों की सुरक्षा खतरे में...
बीएचयू
हॉस्टल -79
छात्र-40
छात्रा-39
छात्र-छात्राएं-16040
शिक्षक-कर्मचारी आवास-600
रहने वाले लोग-4000 लोग
आईआईटी बीएचयू
हॉस्टल-18
छात्र-छात्रा-4000
शिक्षक-कर्मचारी आवास-200
रहने वाले लोग-1500 से 2000