आईआईटी बीएचयू: सौर ऊर्जा, समाज सेवा में बेहतर काम करने वाले मेधावियों को मिलेंगे मेडल; मिलेंगे 124 मेडल-प्राइज
आईआईटी बीएचयू का दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित होगा। इसमें सौर ऊर्जा, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में 62 मेधावियों को कुल 124 मेडल और प्राइज प्रदान किए जाएंगे। संस्थान की ओर से मेधावियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
विस्तार
आईआईटी बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को 2048 डिग्रियां दी जाएंगी। 62 टेक्नोसेवियों को 124 मेडल मिलेंगे। इसमें ये सभी मेडलिस्ट सिर्फ अपने सेमेस्टर स्कोर से ही नहीं तय हुए बल्कि उनके अंदर की कई क्षमताओं का भी आकलन किया गया है। इसमें सौर ऊर्जा, नेतृत्व गुणों, संगठन में कार्य करने की शानदार क्षमताओं और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले टेक्नोसेवियों को गोल्ड मेडल और मनी प्राइज दिए जाएंगे।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र प्रखर नेमा को सौर उर्जा के क्षेत्र में रिसर्च करने के लिए मुकेश भार्गव ग्रीन विजन अवाॅर्ड फॉर एक्सीलेंस का सम्मान दिया जाएगा। साथ में 20 हजार रुपये भी दिए जाएंगे। लीखदिवे मेहूलकुमार राजकुमार को प्रेसीडेंट मेडल देने के पीछे सिर्फ स्कोर ही नहीं बल्कि सभी बैचलर ऑफ आर्किटेक्ट और आईडीडी कोर्स में सबसे बेहतर सांगठनिक क्षमता और नेतृत्व गुणों के लिए भी दिया गया है।
सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट का अवाॅर्ड कोनूसोतू और सुबोध को मिलेग ः छात्र वर्दन पोपली को उनके सामाजिक सेवाओं और सहयोगी गतिविधियों के लिए बीबी बंसल मेमोरियल गोल्ड मेडल दिया जाएगा। छात्र प्रतीक त्रिपाठी को लीडरशिप के लिए सभी बीटेक छात्र-छात्राओं में सबसे बेहतर प्रदर्शन के लिए डायरेक्टर्स मेडल दिया जाएगा।
बीटेक में सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट के लिए माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के कोनूसोतू ईश्वर को डीएन भार्गव बेस्ट प्रोजेक्ट अवॉर्ड दिया जाएगा। इसके तहत उन्हें 5000 रुपये भी दिए जाएंगे। वहीं, एमटेक में सबसे अच्छे प्रोजेक्ट का अवाॅर्ड सुबोध नारायण देव को दिया जाएगा। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एमटेक के छात्र मिहिर सिंह को बेनको-64 गोल्ड मेडल दिया जाएगा। बेनको आईआईटी बीएचयू का सबसे पुराना नाम था, जिसे 1919 में दिया गया था।
दो घंटे तक चला अभ्यास
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में शुक्रवार को आईआईटी के दीक्षांत समारोह का दो घंटे तक अभ्यास किया गया। इसमें निदेशक और सीनेट सदस्यों के साथ ही 62 मेडलिस्ट ने हिस्सेदारी की। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने मेधावियों को मंच से शपथ ग्रहण कराकर मेडल व डिग्री वितरण किया। इस बीच दीक्षांत मंडल के कक्ष में प्रवेश से लेकर प्रस्थान तक की पूरी प्रक्रिया की गई।