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IIT BHU: तरबूज के बीज से बनाया दूध में यूरिया डिटेक्ट करने वाला बायो सेंसर, जानिए क्या है यह तकनीक

Tue, 08 Oct 2024 03:18 PM IST
प्रगति चंद माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी।
माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 08 Oct 2024 03:18 PM IST
सार

टीम ने तरबूज के बीजों में यूरिया नाम के एंजाइम की खोज की है, जो कि यूरिया को तोड़ता है। अब संस्थान में यूरिया का पता लगाने वाले बायो सेंसर तैयार किए जा रहे हैं। 

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IIT BHU created biosensor to detect urea in milk from watermelon seeds
आईआईटी-बीएचयू के वैज्ञानिक। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आईआईटी-बीएचयू के वैज्ञानिकों ने एक नया बायोइलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाया है, जो हाई फ्रिक्वेंसी के साथ दूध में यूरिया की मात्रा का पता लगाएगा। इसे बायो सेंसर भी कहा जा रहा है। इस तकनीक में तरबूज के बीज का इस्तेमाल किया गया है।
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संस्थान के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अरविंद एम. कायस्थ और बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रांजल चंद्रा और उनकी टीम ने ये रिसर्च किया है। टीम ने तरबूज के बीजों में यूरिया नाम के एंजाइम की खोज की है, जो कि यूरिया को तोड़ता है। अब संस्थान में यूरिया का पता लगाने वाले बायो सेंसर तैयार किए जा रहे हैं। 
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नॉर्मल बातचीत से हुई शोध की शुरुआत
प्रो. कायस्थ ने कहा, "हमारे इनोवेशन की शुरुआत तरबूज के बीजों को न फेंकने को लेकर एक कॉमन बातचीत से हुई थी। उस छोटे से विचार से, हमने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसमें डेयरी उद्योग में खाद्य सुरक्षा में बड़े स्तर पर सुधार लाया जा सकता है। 
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क्या है यूरिया तोड़ने की तकनीक
तरबूज यूरिया एंजाइम को सोने के नैनोकणों और ग्रेफीन ऑक्साइड से युक्त एक नैनोहाइब्रिड सिस्टम पर स्थिर किया गया था। इसने डिवाइस को बेहतर इलेक्ट्रोकेमिकल और बायोइलेक्ट्रॉनिक गुण दिया। इससे तैयारी के बिना दूध के नमूनों में तेजी से और सटीक यूरिया का पता लगाना संभव हो गया। 


इस तकनीक पर आधारित सेंसर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) जैसे विनियामक निकायों के पहचान मानकों को भी पूरा करता है। यह तकनीक संभावित रूप से डेयरी फार्मों और प्रसंस्करण सुविधाओं में ऑन-साइट परीक्षण को बदल सकती है, जिससे यूरिया स्तर की निगरानी तेज और अधिक भरोसेमंद हो सकती है।
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