आईआईटी बीएचयू: शिक्षकों के 540 पद खाली, निदेशक बोले- तीन साल में भरेंगे 300 पद; संस्थान में बनेगा रिसर्च पार्क
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू में शिक्षकों की कमी के कारण काफी दिक्कतें हो रही हैं। निदेशक ने शिक्षक भर्ती का आश्वासन भी दिया है। देश के विभिन्न संस्थानों से जुड़े सीनियर स्कॉलर, शोध छात्रों को भी जोड़ा जाएगा।
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आईआईटी बीएचयू में शिक्षकों के 540 पद खाली हैं। कागजों पर संस्थान में 900 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस समय केवल 360 शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। इस कमी को दूर करने के लिए देश के विभिन्न आईआईटी में शोध करने वाले छात्रों से मदद ली जाएगी। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि तीन साल में 300 पदों को भरने का लक्ष्य रखा गया है।
आईआईटी में निदेशक पद पर तैनाती के ढाई महीने बाद बृहस्पतिवार को वह पत्रकारों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि संस्थान में संसाधन भरपूर हैं। क्षमता के आधार पर हम रैंकिंग में पीछे हैं, लेकिन इसमें सुधार की गुंजाइश है।
फैकल्टी के पद खाली होने की चुनौतियों के बाद भी बेहतर पठन-पाठन का माहौल बनाया जा रहा है। विभागवार खाली पदों की सूची तैयार कराने के साथ ही भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पिछले महीने पांच विभागों का इंटरव्यू हो चुका है। इनकी नियुक्ति जल्द हो जाएगी। देश के विभिन्न संस्थानों से जुड़े सीनियर स्कॉलर, शोध छात्रों को भी जोड़ा जाएगा।
भवन के लिए बजट पास
निदेशक ने कहा कि आईआईटी बीएचयू में शोध और इनोवेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिसर्च पार्क बनाया जाएगा। इस तरह का पार्क आईआईटी मद्रास में है। खासियत यह होगी कि रिसर्च, इनोवेशन के पेटेंट सहित अन्य उपलब्धियों की जानकारी एक ही छत के नीचे मिल जाएगी। भवन के लिए 85 करोड़ रुपये मिले हैं।
कंपनियों को बिजनेस प्लान बनाने में भी मदद मिलेगी। शोध करने वाले छात्रों और शिक्षकों की भी दिलचस्पी बढ़ेगी। स्टार्टअप के लिए इंवेस्टर्स 25 लाख से एक करोड़ तक का फंड देने को हैं। नौकरी की जगह इंटरप्रेन्योरशिप पर भी जोर दिया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि इलेक्ट्रानिक में चिप डिजाइन पर काम किया जा रहा है। संचार की दिशा में 6जी पर शोध चल रहा है। इसमें कंपनियों के साथ ही पुरातन छात्र भी सहयोग देने को तैयार हैं। ई-मोबिलिटी और बायोमेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है।
निदेशक ने कहा कि नई शिक्षा नीति के आधार पर पढ़ाई कराई जाएगी। छात्रों को ज्यादा से ज्यादा इंटर्नशिप दिलाया जाएगा। इंटर्नशिप को 2 से बढ़ाकर छह महीने करने की योजना है। छात्र अपनी मातृभाषा में पढ़ाई कर सकेंगे। अगर कोई छात्र बांग्ला, कन्नड़, उड़िया में पढ़ना चाहता है तो उसे इसकी सुविधा मिलेगी। अन्य आईआईटी से लेक्चर रिकॉर्ड कर उसे मंगाया जाएगा। उनकी भाषा में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी।
सीसीटीवी बेस्ड सर्विलांस सिस्टम से मजबूत होगी सुरक्षा
पिछले दिनों छात्रा के साथ मारपीट, दुष्कर्म के प्रयास की घटना पर निदेशक ने कहा कि मजबूत सुरक्षा के लिए सीसीटीवी बेस्ड सर्विलांस सिस्टम बनवाया जा रहा है। टेंडर सहित अन्य प्रक्रिया चल रही है।
निदेशक ने बताया कि यह सिस्टम अपने आप में खास होगा। परिसर में जगह-जगह हाईटेक कैमरे लगवाए जाएंगे। कंप्यूटर साइंस विभाग में एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, जिससे कैमरे के सामने किसी तरह की हलचल होगी तो उसका अलर्ट तत्काल निदेशक कार्यालय, चीफ प्रॉक्टर सहित अन्य जिम्मेदारों को मिल जाएगा।
तीन साल में तैयार हो जाएगा असि नदी के पुनर्रुद्धार का प्रोजेक्ट
असि नदी के पुनर्रुद्धार के लिए वीडीए और आईआईटी के बीच एमओयू साइन किया गया है। आईआईटी की ओर से प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। जिसके आधार पर वीडीए की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक ने कहा कि ले-आउट बनाने में करीब तीन साल का समय लगेगा। इसके बाद वीडीए को दिया जाएगा। हाई एनर्जी, लेजर टेक्नोलॉजी भी डेवलप की जानी है, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने इसके लिए 25 साल का पार्टनरशिप साइन किया है।
छात्रों के लिए यह भी होगा खास
- संस्थान में छात्रों और छात्राओं के लिए एक-एक नया हॉस्टल बनाया जाएगा।
- पांच सितंबर को स्वतंत्रता भवन में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। शोध कार्यों का डिस्प्ले किया जाएगा।
- पुरातन छात्रों से जुड़ाव बनाने के लिए एक टीम बनाई जाएगी, जो लगातार संपर्क करती रहेगी।