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सहालग के सीजन में सिसक रहा व्यापार

Sun, 13 Nov 2016 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 13 Nov 2016 02:22 AM IST
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I Shalg season trade Sisk
पहड़िया मंडी में व्यापारियों के न आने से पसरा रहा सन्नाटा।
व्यापारियों को उम्मीद न थी कि शादी के सीजन में उनका धंधा इतना मंदा रहेगा। जबकि व्यापारी पहले से ही माल मंगाकर रख लिए थे। इस बीच पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंदी का आदेश आने के बाद अच्छी आमदनी का सपना टूटता नजर आ रहा है। गल्ला मंडी से लेकर किराना तक सब जगह व्यापार मंदा है। सराफा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर कपड़ों की खरीदारी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। प्रतिष्ठान खुले जरूर रहे लेकिन व्यापार न के बराबर था। शादी के मौसम में भी किराना मंडी में सन्नाटा है। खरीदार दिख ही नहीं रहे हैं। मसाले, तेल, अनाज सहित वह सभी उत्पादों की खरीदारी न के बराबर है। व्यापारी अशोक कसेरा ने बताया कि हर दिन व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ब्रांडेड और नॉन ब्रांडेड कपड़ों के कारोबार पर भी असर पड़ुा है। मॉल में वहीं लोग पहुंच रहे हैं, जिनके पास डेबिट या क्रेडिट कार्ड है। शहर के अन्य प्रतिष्ठानों में बड़े नोटों के चलते दिक्कत आ रही है। इसका व्यापक असर बनारसी साड़ी की खरीदारी पर पड़ा है। शादी के लिए बनारसी साड़ी की जमकर खरीदारी होती है। पहले से इसका बाजार गिरा है। व्यापारी श्रीनारायण खेमका ने बताया कि ठंड के मौसम वाले कपड़े भी आ गए हैं लेकिन वे केवल शोपीस बने हैं।
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पहड़िया स्थित पूर्वांचल की सबसे बड़ी लाल बहादुर शास्त्री मंडी में भी नोट बंदी का असर देखा जा सकता है। पूरे दिन गुलजार रहने वाली मंडी में सन्नाटा पसरा है। आढ़तियों के मुताबिक अब फलोें और सब्जियों की आवक आधी हो गई है। किसी तरह उधारी में काम चल रहा है।  रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों में से अधिकांश को काम नहीं मिल रहा। खाने-पीने के लाले पड़ गए हैं। पहड़िया मंडी में हर रोज अमूमन 100 से 110 ट्रक माल आता था, जो अब आधा रह गया है। मंडी से सब्जियों की निकासी कम होने से छोटी मंडियों और सब्जी की फुटकर दूकानों के विक्रेता भी परेशान हैं। उधर मंडी और सब्जी तथा फल व्यापार से जुड़े मजदूर, पिकअप चालक आदि के सामने आमदनी का संकट पैदा हो गया है। सब्जी फल व्यवसायी आढ़ती कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. श्याम नारायण कुशवाहा ने बताया कि आढ़ती मंडी में नजर ही नहीं आ रहे हैं।
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वाराणसी की सराफा मंडी में भी सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि कई व्यापारियों ने धंधा पिछले दरवाजे से जारी रखा। शनिवार को भी सोना 55 से 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम बिका। कई सराफा व्यापारी तो निवेशकों के घर जाकर वहीं पर सारा मामला सेट कर दे रहे हैं। सोने में जबरदस्त निवेश चल रहा है।



आलू 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। जो कुछ दिनों पहले तक 1100 से 1200 रुपये था। ऐसे में बाजार में फुटकर आलू का दाम 10 से 12 रुपये प्रति किलो हो गया है। यही हाल प्याज का है। पहड़िया मंडी में प्याज 900 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। कुछ दिनों पहले तक दाम 1200 से 1400 रुपये था। आढ़तियों की मानें तो अभी और गिरावट आएगी, जिसका कारण माल का भारी मात्रा में डंप होना है।
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