{"_id":"5b0d27524f1c1b956e8b52fe","slug":"hotel-and-guest-house-is-unsafe-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस के होटल-गेस्टहाउस नहीं है सुरक्षित, सामने आईं कई खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस के होटल-गेस्टहाउस नहीं है सुरक्षित, सामने आईं कई खामियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 29 May 2018 04:01 PM IST
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होटल
बनारस के होटल व गेस्ट हाउस सुरक्षित नहीं हैं। बनारस के साथ-साथ आगरा, मथुरा, वृंदावन में भी यही हाल है। अधिकांश होटलों और गेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरा, टूरिस्ट रजिस्टर बुक, आईडी प्रूफ और आग से सुरक्षा के उपाय को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जाती है।
यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित नेशनल ह्यूमन राइट्स कम्युनिटी ऑफ इंडिया (एनएचआरसीआई) के महासचिव ने प्रदेश के डीजीपी और डीजी फायर सुरक्षा को दी है।
उन्होंने कहा है कि ऐसी व्यवस्था करें कि देशी और विदेशी पर्यटक बनारस में खुद को सुरक्षित महसूस करें। इसके साथ ही इस संबंध में किए गए उपायों की रिपोर्ट मांगी है।
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एनएचआरसीआई के महासचिव सौमेन सेन के अनुसार बनारस, आगरा, मथुरा और वृंदावन के होटलों और गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जाती है।
कई होटल और गेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी मॉनीटरिंग नहीं की जाती। आईडी प्रूफ लेने में कोताही बरती जाती है। कई होटलों के अग्निशमन यंत्र पुराने और बेकार हो चुके हैं। इनमें से भी कई ने अग्निशमन विभाग से अनुमति नहीं ले रखी है।
एनएचआरसीआई की इस रिपोर्ट पर प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था ने आगरा, मथुरा और बनारस के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर खामियों को दूर करने और रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित नेशनल ह्यूमन राइट्स कम्युनिटी ऑफ इंडिया (एनएचआरसीआई) के महासचिव ने प्रदेश के डीजीपी और डीजी फायर सुरक्षा को दी है।
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उन्होंने कहा है कि ऐसी व्यवस्था करें कि देशी और विदेशी पर्यटक बनारस में खुद को सुरक्षित महसूस करें। इसके साथ ही इस संबंध में किए गए उपायों की रिपोर्ट मांगी है।
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एनएचआरसीआई के महासचिव सौमेन सेन के अनुसार बनारस, आगरा, मथुरा और वृंदावन के होटलों और गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जाती है।
कई होटल और गेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी मॉनीटरिंग नहीं की जाती। आईडी प्रूफ लेने में कोताही बरती जाती है। कई होटलों के अग्निशमन यंत्र पुराने और बेकार हो चुके हैं। इनमें से भी कई ने अग्निशमन विभाग से अनुमति नहीं ले रखी है।
एनएचआरसीआई की इस रिपोर्ट पर प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था ने आगरा, मथुरा और बनारस के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर खामियों को दूर करने और रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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बीते दिनों की वारदातों से हुई है बदनामी
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बनारस में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। मगर, हाल के महीने में होटल और गेस्ट हाउस में हुई आपराधिक वारदातों ने शहर को बदनाम करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की कलई भी खोल कर रख दी।
22 मई को सिगरा क्षेत्र के इंग्लिशिया लाइन स्थित सत्संग लॉज में एक विवाहिता के साथ दुराचार का मामला सामने आया और घटनास्थल से भदोही का भाजपा का पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले 27 मार्च को कैंटोनमेंट स्थित होटल रेडिसन में बाबतपुर एयरपोर्ट पर एक निजी विमानन कंपनी में कार्यरत युवती के साथ सामूहिक दुराचार किए जाने का मामला सामने आया था। इसके पहले 28 जून 2017 को रोहनिया क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में 70 वर्षीय बुजुर्ग फ्रांसीसी महिला को बंधक बनाकर दुराचार किया गया था।
22 मई को सिगरा क्षेत्र के इंग्लिशिया लाइन स्थित सत्संग लॉज में एक विवाहिता के साथ दुराचार का मामला सामने आया और घटनास्थल से भदोही का भाजपा का पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले 27 मार्च को कैंटोनमेंट स्थित होटल रेडिसन में बाबतपुर एयरपोर्ट पर एक निजी विमानन कंपनी में कार्यरत युवती के साथ सामूहिक दुराचार किए जाने का मामला सामने आया था। इसके पहले 28 जून 2017 को रोहनिया क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में 70 वर्षीय बुजुर्ग फ्रांसीसी महिला को बंधक बनाकर दुराचार किया गया था।