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बदमाशों की गोली लगने से घायल हॉस्टल के केयरटेकर की मौत
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वाराणसी। दुर्गाकुंड क्षेत्र की कैवल्यधाम कॉलोनी में बदमाशों की गोली से घायल गर्ल्स हॉस्टल के केयरटेकर विशाल सिंह बाल्मीकि की उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। विशाल की मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताई गई है। वहीं, वारदात के दूसरे दिन भी न वजह स्पष्ट हुई और न गोली मारने वाले बदमाशों का पता लगा। उधर, वारदात के संबंध में पुलिस की तीन टीम नौ लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
मिर्जापुर के जमालपुर क्षेत्र के गौरी गांव निवासी सुशील सिंह का मकान कैवल्यधाम कॉलोनी में है। सुशील के मकान में गर्ल्स हॉस्टल भी संचालित होता है। सुशील के मकान और हॉस्टल की देखरेख रामनगर कस्बे के रामपुर का विशाल कुमार (32) करता था। बुधवार की दोपहर तीन बजे के लगभग विशाल गोदौलिया से वापस आकर सुशील के घर के सामने खड़ा हुआ तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उस पर तीन राउंड फायरिंग की। असलहे से निकली दो गोली विशाल के पेट को आर-पार कर गई। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दो बार ऑपरेशन करने के बावजूद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण बृहस्पतिवार की शाम विशाल की मौत हो गई। इस बीच विशाल के लिए चार पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर के कहने पर दो अन्य लोगों ने रक्तदान भी किया था। उधर, एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि बदमाशों की शिनाख्त के साथ ही उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही वारदात का खुलासा होगा।
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फुटेज और सर्विलांस के सहारे पहुंचे मोहनसराय तक
बाइक सवार जिन बदमाशों ने विशाल को गोली मारी थी वह हेलमेट और मास्क पहने हुए थे। इसके साथ ही उनकी बाइक में रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखा था। ऐसे में बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस के पास फिलहाल सीसी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस का ही सहारा है। सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद लंका, नरिया, करौंदी, चितईपुर, अखरी होते हुए मोहनसराय चौराहे पर पहुंचे। इसके बाद बदमाश कहां गए यह पता नहीं लगा। सर्विलांस की मदद से पुलिस बदमाशों का पता लगाने में जुटी हुई है।
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मकान मालिक के विवाद की भी पुलिस कर रही जांच
विशाल की हत्या में पुलिस उसके मकान मालिक सुशील सिंह के घरेलू और बाहरी विवादों को भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, सुशील सिंह का कहना है कि विशाल की उसके परिवार के कुछ लोगों से अनबन थी। वहीं, विशाल के परिजनों का कहना है कि उसका कभी किसी से झगड़ा ही नहीं हुआ। यह जरूर है कि तीन-चार जगह उसकी शादी की बात हुई थी लेकिन इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था। ऐसे में पुलिस विशाल के मकान मालिक से जुड़े विवादों को भी खंगाल रही है।
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घटनाओं का जल्द करें खुलासा : एडीजी जोन
एक हफ्ते में गोली मारकर दो लोगों की हत्या व लूट, एक महिला की हत्या का प्रयास और सराफा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगे जाने की घटना पर एडीजी जोन ने नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को एडीजी जोन बृज भूषण ने जिले के पुलिस महकमे के अफसरों के साथ बैठक की। एडीजी जोन ने एसएसपी से कहा कि एक हफ्ते में हुई सभी आपराधिक घटनाओं का जल्द खुलासा करें। जो थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी अक्षम साबित हो रहे हों, उन्हें हटाकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
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बेटा कहा था मां छठ का सामान लेकर घर आऊंगा
विशाल की मां रंजना देवी ने बताया कि उनका इकलौता बेटा सुबह काम पर जाता था और रात में वापस घर आता था। उसने बुधवार को कहा था कि घर वापस आते समय छठ पूजा का सामान लेकर आऊंगा। क्या पता था कि अब हमारा बेटा कभी नहीं आएगा। यह कहते हुए वह अचेत हो जा रही थी। उधर, पिता मनोहर लाल की आंखों से भी आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। परिजनों ने बताया कि मनोहर रामनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक आटा फैक्ट्री में काम करते हैं।
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मिर्जापुर के जमालपुर क्षेत्र के गौरी गांव निवासी सुशील सिंह का मकान कैवल्यधाम कॉलोनी में है। सुशील के मकान में गर्ल्स हॉस्टल भी संचालित होता है। सुशील के मकान और हॉस्टल की देखरेख रामनगर कस्बे के रामपुर का विशाल कुमार (32) करता था। बुधवार की दोपहर तीन बजे के लगभग विशाल गोदौलिया से वापस आकर सुशील के घर के सामने खड़ा हुआ तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उस पर तीन राउंड फायरिंग की। असलहे से निकली दो गोली विशाल के पेट को आर-पार कर गई। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दो बार ऑपरेशन करने के बावजूद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण बृहस्पतिवार की शाम विशाल की मौत हो गई। इस बीच विशाल के लिए चार पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर के कहने पर दो अन्य लोगों ने रक्तदान भी किया था। उधर, एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि बदमाशों की शिनाख्त के साथ ही उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही वारदात का खुलासा होगा।
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फुटेज और सर्विलांस के सहारे पहुंचे मोहनसराय तक
बाइक सवार जिन बदमाशों ने विशाल को गोली मारी थी वह हेलमेट और मास्क पहने हुए थे। इसके साथ ही उनकी बाइक में रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखा था। ऐसे में बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस के पास फिलहाल सीसी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस का ही सहारा है। सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद लंका, नरिया, करौंदी, चितईपुर, अखरी होते हुए मोहनसराय चौराहे पर पहुंचे। इसके बाद बदमाश कहां गए यह पता नहीं लगा। सर्विलांस की मदद से पुलिस बदमाशों का पता लगाने में जुटी हुई है।
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मकान मालिक के विवाद की भी पुलिस कर रही जांच
विशाल की हत्या में पुलिस उसके मकान मालिक सुशील सिंह के घरेलू और बाहरी विवादों को भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, सुशील सिंह का कहना है कि विशाल की उसके परिवार के कुछ लोगों से अनबन थी। वहीं, विशाल के परिजनों का कहना है कि उसका कभी किसी से झगड़ा ही नहीं हुआ। यह जरूर है कि तीन-चार जगह उसकी शादी की बात हुई थी लेकिन इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था। ऐसे में पुलिस विशाल के मकान मालिक से जुड़े विवादों को भी खंगाल रही है।
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घटनाओं का जल्द करें खुलासा : एडीजी जोन
एक हफ्ते में गोली मारकर दो लोगों की हत्या व लूट, एक महिला की हत्या का प्रयास और सराफा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगे जाने की घटना पर एडीजी जोन ने नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को एडीजी जोन बृज भूषण ने जिले के पुलिस महकमे के अफसरों के साथ बैठक की। एडीजी जोन ने एसएसपी से कहा कि एक हफ्ते में हुई सभी आपराधिक घटनाओं का जल्द खुलासा करें। जो थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी अक्षम साबित हो रहे हों, उन्हें हटाकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
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बेटा कहा था मां छठ का सामान लेकर घर आऊंगा
विशाल की मां रंजना देवी ने बताया कि उनका इकलौता बेटा सुबह काम पर जाता था और रात में वापस घर आता था। उसने बुधवार को कहा था कि घर वापस आते समय छठ पूजा का सामान लेकर आऊंगा। क्या पता था कि अब हमारा बेटा कभी नहीं आएगा। यह कहते हुए वह अचेत हो जा रही थी। उधर, पिता मनोहर लाल की आंखों से भी आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। परिजनों ने बताया कि मनोहर रामनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक आटा फैक्ट्री में काम करते हैं।