{"_id":"59e5edb64f1c1bda538b7d06","slug":"hope-team-reach-president-ram-nath-kovind-native-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव से उठी ग्रामीण दिवस की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव से उठी ग्रामीण दिवस की मांग
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 17 Oct 2017 05:17 PM IST
विज्ञापन
‘होप’ के युवा पहुंचे राष्ट्रपति के पैतृक गांव, लगाई चौपाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौख से भी ग्रामीण दिवस की मांग उठाई गई है। राष्ट्रपति के खास दोस्त लाल किशोर सिंह समेत वहां के ग्रामीणों ये मांग उठाई है। कानपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रपति के पैतृक गांव में सोमवार को होप वेलफेयर ट्रस्ट के युवा पहुंचे।
होप के सदस्य दिव्यांशु उपाध्याय और श्यामाकांत ने यहां राष्ट्रपति के आवास पर ही चौपाल भी लगाई। वहां की समस्याओं के बारे में जाना। ग्रामीणों ने होप वेलफेयर के कार्यों को न सिर्फ सराहा बल्कि उनकी ग्रामीण दिवस की मांग को जायज भी ठहराया। होप के सदस्यों ने यहां राष्ट्रपति के भतीजे शिव प्रताप और नातिन से भी मुलाकात की।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और परौख गांव के सेवानिवृत्त अध्यापक लाल किशोर सिंह के बीच गहरा नाता है। बचपन की उनकी दोस्ती आज भी पूरी शिद्दत से चल रही है। लाल किशोर सिंह बताते हैं कि दोनों एक ही प्राइमरी पाठशाला में पढ़ते थे। बाद में उच्च शिक्षा के लिए कोविंद जी कानपुर अपनी बहन के यहां चले गए।
विज्ञापन
लाल किशोर सिंह बताते हैं कि परौख गांव आज भी पिछड़ा है। नेता, विधायक, सांसद यहां आते नहीं। मैं प्रधानमंत्री के समक्ष ये मांग रखना चाहता हूं कि गांव के लिए भी एक दिन होना चाहिए। उस दिन सांसद, विधायक गांव आएं।
गांव वालों ने भी कहा कि सरकार जब तक गांवों पर विशेष ध्यान नहीं देगी, गांवों की उन्नति नहीं होगी। दिव्यांशु उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण दिवस को लेकर वहां के लोग खासा उत्साहित हैं। सभी ने अपना समर्थन दिया है। ग्राम प्रधान बलवंत सिंह ने कहा कि वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ग्रामीण दिवस की मांग करेंगे।
विज्ञापन
होप के सदस्य दिव्यांशु उपाध्याय और श्यामाकांत ने यहां राष्ट्रपति के आवास पर ही चौपाल भी लगाई। वहां की समस्याओं के बारे में जाना। ग्रामीणों ने होप वेलफेयर के कार्यों को न सिर्फ सराहा बल्कि उनकी ग्रामीण दिवस की मांग को जायज भी ठहराया। होप के सदस्यों ने यहां राष्ट्रपति के भतीजे शिव प्रताप और नातिन से भी मुलाकात की।
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और परौख गांव के सेवानिवृत्त अध्यापक लाल किशोर सिंह के बीच गहरा नाता है। बचपन की उनकी दोस्ती आज भी पूरी शिद्दत से चल रही है। लाल किशोर सिंह बताते हैं कि दोनों एक ही प्राइमरी पाठशाला में पढ़ते थे। बाद में उच्च शिक्षा के लिए कोविंद जी कानपुर अपनी बहन के यहां चले गए।
विज्ञापन
लाल किशोर सिंह बताते हैं कि परौख गांव आज भी पिछड़ा है। नेता, विधायक, सांसद यहां आते नहीं। मैं प्रधानमंत्री के समक्ष ये मांग रखना चाहता हूं कि गांव के लिए भी एक दिन होना चाहिए। उस दिन सांसद, विधायक गांव आएं।
गांव वालों ने भी कहा कि सरकार जब तक गांवों पर विशेष ध्यान नहीं देगी, गांवों की उन्नति नहीं होगी। दिव्यांशु उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण दिवस को लेकर वहां के लोग खासा उत्साहित हैं। सभी ने अपना समर्थन दिया है। ग्राम प्रधान बलवंत सिंह ने कहा कि वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ग्रामीण दिवस की मांग करेंगे।