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मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म से होली
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Tue, 03 Mar 2015 01:57 AM IST
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वाराणसी। काशी में मणिकर्णिका महाश्मशान पर सोमवार की दोपहर होली का अद्भुत नजारा लोगों के लिए यादगार बन गया। एक तरफ चिताएं धधकती रहीं तो दूसरी ओर बुझी चिताओं की भस्म से जमकर साधु-संत और भक्त होली खेलने में रमे रहे। खेलें मसाने में होरी दिगंबर... के बोल पर होरी गूंजी तो लोग थिरकने से खुद को नहीं रोक सके। दुनिया के कई देशों के पर्यटक भी चिता की भस्म से होली खेलने के उन क्षणों के साक्षी बने।
गौरा का गौना कराने के दूसरे दिन सोमवार को मणिकर्णिका श्मशान पर होली देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। दिन के 12:30 बजे मशानेश्वर महादेव की भोग आरती हुई। इसके बाद सैकड़ों भक्त डमरू, त्रिशूल के साथ चिताओं की भस्म उड़ाकर होली खेलने लगे। कुछ ही देर में चिता की भस्म पोते जाने से
लोगों को पहचानना मुश्किल हो गया। एक तरफ जलती चिताओं के आसपास गमगीन लोग थे और दूसरी ओर होली खेलने की रस्म पूरी करने वालों के ढोल-ताशे गूंजते रहे। तेज पुरवाई ने तो इस होली के नायाब रंगों को चिताओं तक भी पहुंचाया। ठुमरी गायक पं. छन्नूलाल मिश्र की प्रसिद्ध होरी- खेलें मसाने में होरी दिगंबर... का ऑडियो बजने लगा। फिर क्या था, भस्म से होली खेलने वाले बाबा के भक्त थिरकने लगे। उस
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दृश्य को कैमरे में कैद करने की होड़ मच गई। चिता की भस्म से होली खेलने वालों में साधु-संत और अघोरी भी शामिल थे। इस अनूठी होली में बाबा महाश्मशान मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर, अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता, पार्षद शिव सेठ, विजय शंकर पांडेय, बिहारी लाल गुप्ता, मनोज शर्मा, दीपक तिवारी, सूरज शास्त्री समेत तमाम लोग शामिल हुए।
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गौरा का गौना कराने के दूसरे दिन सोमवार को मणिकर्णिका श्मशान पर होली देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। दिन के 12:30 बजे मशानेश्वर महादेव की भोग आरती हुई। इसके बाद सैकड़ों भक्त डमरू, त्रिशूल के साथ चिताओं की भस्म उड़ाकर होली खेलने लगे। कुछ ही देर में चिता की भस्म पोते जाने से
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लोगों को पहचानना मुश्किल हो गया। एक तरफ जलती चिताओं के आसपास गमगीन लोग थे और दूसरी ओर होली खेलने की रस्म पूरी करने वालों के ढोल-ताशे गूंजते रहे। तेज पुरवाई ने तो इस होली के नायाब रंगों को चिताओं तक भी पहुंचाया। ठुमरी गायक पं. छन्नूलाल मिश्र की प्रसिद्ध होरी- खेलें मसाने में होरी दिगंबर... का ऑडियो बजने लगा। फिर क्या था, भस्म से होली खेलने वाले बाबा के भक्त थिरकने लगे। उस
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दृश्य को कैमरे में कैद करने की होड़ मच गई। चिता की भस्म से होली खेलने वालों में साधु-संत और अघोरी भी शामिल थे। इस अनूठी होली में बाबा महाश्मशान मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर, अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता, पार्षद शिव सेठ, विजय शंकर पांडेय, बिहारी लाल गुप्ता, मनोज शर्मा, दीपक तिवारी, सूरज शास्त्री समेत तमाम लोग शामिल हुए।