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वाराणसी में एक तरफ होलिका दहन तो दूसरी ओर रोशन हुए कब्रिस्तान
Sun, 28 Mar 2021 10:51 PM IST
हरि User
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: हरि User
Updated Sun, 28 Mar 2021 10:51 PM IST
सार
- होलिका दहन और शब ए बरात पर काशी ने देश को अमन-चैन का संदेश दिया
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होलिका दहन और कब्रिस्तान पर रोशन हुए चराग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक ही रिवाज, एक ही रस्म, बस कुछ अंदाज बदल जाते हैं। वरना एक ही है जिसे कुछ उपवास तो कुछ रमजान कहते हैं...। होलिका दहन और शब ए बरात पर काशी ने कुछ इसी अंदाज में देश को अमन-चैन का संदेश दिया। गंगा जमुनी तहजीब की नजीर काशी में होलिका दहन और शब ए बरात का नजारा हर किसी के मन को छू गया।
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तुलसी, कबीर और नजीर का शहर बनारस रविवार को एक अलग ही रंग में नजर आया। एक तरफ जहां होलिकाओं का दहन शुरू हुआ तो दूसरी ओर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में इबादत का। कब्रिस्तानों पर चराग रोशन हुए और बुजुर्गों के आस्ताने पर दुआख्वानी की गई। मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, नई सड़क, बजरडीहा, लोहता, चौक, बुनकर कालोनी, चौकाघाट, जैतपुरा समेत सभी मुस्लिम इलाकों में दोनों समुदायों ने शांति और सौहार्द के साथ होलिका दहन और शब ए बरात की तैयारियों को सुबह से अंतिम रूप देना शुरू कर दिया था। हिंदू समुदाय ने मुस्लिम समुदाय के त्योहार का ध्यान रखा तो मुस्लिम समुदाय की ओर से भी शाम होने से पहले ही कब्रिस्तानों पर दुआख्वानी शुरू करने की अपील की गई। काशी की इस पहल ने देश को प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया।
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