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छेद वाली मच्छरदानी देखी है: सरकारी अस्पतालों के डेंगू वार्ड में इस हाल में मिली मच्छरदानी,भर्ती मरीजों को खतरा
Fri, 06 Oct 2023 02:46 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Fri, 06 Oct 2023 02:46 PM IST
सार
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल में जहां ओपीडी में 1500-1500 मरीज डॉक्टर को दिखाने जा रहे हैं वहीं शास्त्री अस्पताल रामनगर में भी 1000 से 1200 मरीज आ रहे हैं।
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डेंगू वार्ड की मच्छरदानी में लापरवाही के छेद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मच्छरों से बचने के लिए डॉक्टर लोगों को मच्छरदानी लगाकर सोने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों के डेंगू वार्डों में इससे बचने के लिए किए जा रहे प्रयासों में लापरवाही का छेद बिना मुश्किल देखा जा सकता है। बृहस्पतिवार की दोपहर में अमर उजाला की पड़ताल में शास्त्री अस्पताल रामनगर में जहां डेंगू वार्ड में मरीजों के लिए लगे बेड पर फटी मच्छरदानी मिली, वहीं उसमें लगी बेंत इतनी कमजोर है कि मच्छरदानी बेड पर झुक जा रही है। इसको लेकर मरीज और उनके तीमारदार भी चिंतित है। उन्होंने अधिकारियों से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।
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दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल में जहां ओपीडी में 1500-1500 मरीज डॉक्टर को दिखाने जा रहे हैं वहीं शास्त्री अस्पताल रामनगर में भी 1000 से 1200 मरीज आ रहे हैं। यहां डेंगू वार्ड फूल होने के साथ ही इमरजेंसी समेत अन्य वार्ड भी मरीजों से भरे पड़े हैं। शास्त्री अस्पताल रामनगर की अगर बात करें तो यहां 12 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है, जो कि फुल हैं। यहां रामनगर के साथ ही आसपास के इलाकों के साथ ही चंदौली जिले के मरीज भर्ती हैं। यहां डेंगू के मरीज जिस बेड पर भर्ती हैं, उसमें लगी मच्छरदानी में कई जगह छेद हैं। इस तरह का दृश्य एक दो नहीं बल्कि कई मच्छरदानियों में देखने को मिल रहा है। इस बारे में सीएमएस डॉ. अमरेंद्र चंद्र दूबे ने बताया कि इस बार 22 नई मच्छरदानी खरीदी गई है। जरूरत के अनुसार डेंगू वार्ड के अलावा अन्य जगहों पर भर्ती मरीज को भी मच्छरदानी लगवाई जा रही है। जो मच्छरदानी फटी है, उसे भी बदलवाया जाएगा। इधर, दीनदयाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल के डेंगू वार्ड में भी मरीजों के बेड पर लगी मच्छरदानी के बेंत भी पतले होने की वजह से बेड की ओर से झुके दिखे।
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जिला अस्पताल : दूसरे वार्डों में भी भर्ती होे रहे डेंगू के मरीज
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में करीब 250 बेड फुल हो गए हैं। यहां 12 बेड का डेंगू वार्ड बृहस्पतिवार को मरीजों से भरा था। यहां मच्छरदानी हर बेड पर दिखी। स्थिति यह रही कि पूरा डेंगू वार्ड भरने के बाद मरीजों को इमरजेंसी, सर्जिकल, मेडिकल सहित दूसरे वार्ड में भर्ती कराना पड़ रहा है। तेज बुखार, जोड़ों में दर्द वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अब अस्पताल प्रशासन ने 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनवाया है। अब डेंगू वाले मरीजों को इसी वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।
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अपर निदेशक स्वास्थ्य ने जानी सुविधाएं
वायरल फीवर, डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिले के सभी सरकारी अस्पताल लगभग मरीजों से भरे पड़े हैं। इस बीच अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. मंजुला सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों को भर्ती करने से लेकर बेड उपलब्धता, मरीजों के जांच, इलाज आदि की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्लेटलेट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए पैथालॉजी और ब्लड बैंक प्रभारी को समय-समय पर निगरानी करते रहने को कहा।