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महाशिवरात्रिः बाबा भोले-भंडारी की बारात में जमकर झूमे अड़भंगी बाराती
Fri, 21 Feb 2020 11:18 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 21 Feb 2020 11:18 PM IST
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प्राचीन शिव बारात का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला।
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हवाओं में हलकी ठंड, मन में भोले की भक्ति और शिव बारात की मस्ती.... हर कोई झूमता-नाचता और संगीत की धुन पर थिरकते हुए चल रहा था। मौका था मैदागिन से निकले वाली एतिहासिक प्राचीन शिव बारात का। हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से निकली शिव बारात दशाश्वमेध के डेढ़सी पुल पर समाप्त हुई। इससे पहले बाबा भोलेशंकर और माता पार्वती का विधि-विधान से पूजन अर्चन किया गया।
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शिव बारात में बाबा भोले के गण के रूप में देवी-देवता, ऋषि मनि, भूत-पिशाच के साथ ही लाग विमान, हाथी, घोड़ा, ऊंट, डीजे और बैंड-बाजा चल रहा था। बारात में शामिल लोग ढोल-नगाड़े की थाप के साथ डीजे की धुन पर थिरकते हुए चल रहे थे। शिव बारात में शामिल लोगों के मिजाज में फागुनी हवाओं की मस्ती के साथ ही काशीपुराधिपति के बारात का जश्न भी था।
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प्राचीन शिव बारात का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
मैदागिन चौराहे से जब शिव बारात अपने पारंपरिक मार्ग से होते हुए दशाश्वमेध की ओर बढ़ी तो लोगों की भीड़ भी बढ़ती गई। बाबा भोले के बारात की अगवानी भूत-पिशाच करते हुए चल रहे थे। जगह-जगह पर लोगों ने मां पार्वती और बाबा भोलेशंकर के रथ पर पुष्प वर्षा कर उनकी आरती उतारी। इस दौरान हर-हर महादेव के गनगन भेदी नारे से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था।