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Engineers Day: इंजीनियरिंग का कमाल- किसी का सॉफ्टवेयर खोजेगा कोर्ट के दस्तावेज, तो ड्रेस बचाएगी किडनैपरों से

Tue, 15 Sep 2020 11:45 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 15 Sep 2020 11:45 AM IST
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Helping of people by Getting away from problems with their engineering in varanasi
स्मार्ट यूनिफार्म ट्रैकर बनाने वाली छात्राएं पूजा व संगीता। - फोटो : अमर उजाला

15 सितंबर को इंजीनियर-डे मनाया जाता है। इस दिन भारतरत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिन है। एम. विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजीनियरों में से एक थे, जिन्होंने आधुनिक भारत की रचना की और तकनीकी को नया रूप दिया था। वे युवाओं के प्रेरणाश्रोत हैं।

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इंजीनियर दिवस पर हम काशी के कुछ ऐसे ही तकनीकी के हुनरमंदों से रूबरू होंगे जिन्होंने अपने आविष्कारों से समाज की मदद करने का प्रयास तो किया ही साथ ही शहर का नाम भी रोशन कर रहे हैं।
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स्मार्ट यूनिफार्म देगी किडनैपरों को मात
बच्चों की अपहरण की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। ऐसी ही घटनाओं को रोकने के लिए अशोका इंस्टिट्यूट बीटेक चौथे व तीसरे वर्ष की छात्राएं आरती, पूजा व संगीता ने बच्चों की सेफ्टी के लिए एक स्मार्ट ट्रैकेर यूनिफार्म बनाया है। नैनो जीपीएस टेक्नोलॉजी से लैस बच्चों के कपड़े उनके खोने पर बच्चे के लोकेशन की जानकारी माता-पिता तक पहुंचाएगा। जिससे बच्चों को समय रहते खोने से व अपहरणकर्ताओं से बचाया जा सके। इसके साथ ही 3 से 5 साल के बच्चों के कपड़े पर बने बार कोड को स्कैन कर बच्चे के माता पिता की पूरी जानकारी ले सकतें है।

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Helping of people by Getting away from problems with their engineering in varanasi
अनुभव मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला

न्यायालय के दस्तावेजों को खोजेगा सॉफ्टवेयर
23वर्षीय बीटेक करने वाले अनुभव मिश्रा ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सॉफ्टवेयर लीगल माइंडस तैयार किया है। जिसके जरिए न्यायालय के दस्तावेजों की जानकारी मिल सकती है। 2018- 2019 में फुलरटन इंडिया की ओर से आयोजित ' फिंनोवाटिका' जीतने के बाद अनुभव व उनके दोस्तों ने प्रतियोगिता में जीतने वाली राशि से लीगल माइंडस सॉफ्टवेयर बनाने की शुरुआत की। अनुभव ने बताया कि इसको देखते हुए ही भारत के प्रथम लीगलटेक इनक्यूबेटर 'प्रारंभ' में हमारे सॉफ्टवेयर का चयन हुआ है। गणित के एल्गोरिथ्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने वाला यह सॉफ्टवेयर कानूनी दस्तावेजों के सार को हमारे सामने प्रस्तुत करता है।

वातावरण को स्वच्छ रखेगा रोबोट
12वीं के छात्र आयुष शाही का सपना अपने शहर को स्वच्छ रखने का है। इसके लिए उन्होंने पढ़ाई के दौरान ही एक ऐसा रोबोटिक मॉडल बनाया है, जो सड़कों और कॉलोनियों में घूमकर वहां के वातावरण को स्वच्छ करता है। इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर हुए रोबोवॉर में तृतीय स्थान मिल चुका है। वहीं अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक ओलंपियाड में दसवें स्थान पर रह चुके हैं। गणित के प्रति आयुष की विशेष रुची है, इसके लिए उन्होंने एक नया स्टार्टअप तैयार किया है। जिसके जरिए वह यूट्यूब पर छात्रों को तकनीकी ज्ञान देते हैं।

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