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एनजीटी में वरुणा-असि नदी पर 16 नवंबर को होगी सुनवाई, निगरानी समिति ने जमा की 232 पेज की रिपोर्ट
Wed, 25 Aug 2021 10:28 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 25 Aug 2021 10:28 AM IST
सार
स्वतंत्र निगरानी समिति ने वरुणा व असि नदी क्षेत्र में व्याप्त अतिक्रमण को न केवल माना है बल्कि सभी अतिक्रमण को सरकार व जिलाप्रशासन के संयुक्त हस्तक्षेप से हटाने की अनुशंसा की है।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण(एनजीटी)
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
वाराणसी के असि व वरुणा नदी के प्रदूषण व अतिक्रमण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण(एनजीटी) में चल रही सुनवाई अब निर्णायक मुकाम पर पहुंचती दिख रही है। एनजीटी द्वारा गठित स्वतंत्र निगरानी समिति ने मामले में तैयार 232 पेज की रिपोर्ट जमा कर दिया है।
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इधर, एनजीटी द्वारा 24 अगस्त की सुनवाई को स्थगित कर विशेषज्ञों व स्वतंत्र निगरानी समिति के रिपोर्ट पर विचार व मामले में सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तारीख तय की गई है। एनजीटी की ओर से गठित समिति में नमामि गंगे, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिलाधिकारी वाराणसी व अन्य नदी विशेषज्ञ शामिल हैं।
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मामले में याचिकाकर्ता हाईकोर्ट में अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि समिति की ओर से तैयार 232 पृष्ठ की रिपोर्ट नमामि गंगे द्वारा जमा कर दिया है। इस रिपोर्ट की महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वतंत्र निगरानी समिति ने वरुणा व असि नदी क्षेत्र में व्याप्त अतिक्रमण को न केवल माना है बल्कि सभी अतिक्रमण को सरकार व जिलाप्रशासन के संयुक्त हस्तक्षेप से हटाने की अनुशंसा की है।
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वहीं दोनों नदियों में व्याप्त प्रदूषण को खत्म करने का सुझाव भी दिया है। स्वतंत्र निगरानी समिति द्वारा वरुणा व असि नदी के उद्गम स्थल से लेकर गंगा में मिलने की अनेकों तस्वीरों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है, जिससे स्पष्ट है न केवल दोनों नदियों का अतिक्रमण किया गया है, बल्कि दोनों नदी भयंकर प्रदूषण का शिकार हैं।